
बिलासपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। दीपावली पर्व के दौरान पटाखों एवं आतिशबाजी से होने वाली दुर्घटनाओं को देखते हुए छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) में चिकित्सा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। त्योहार के दौरान किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए अस्पताल में आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं तैयार रखी गई हैं, ताकि दुर्घटना में घायल लोगों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
दीपावली के दौरान पटाखे जलाते समय हाथ, चेहरे एवं शरीर के अन्य हिस्सों में जलने की घटनाएं सामने आती हैं। ऐसे मामलों में त्वचा रोग एवं सर्जरी विभाग द्वारा उपचार की व्यवस्था रहेगी। पटाखों के विस्फोट से हाथों की उंगलियों, हथेलियों एवं शरीर के अन्य अंगों में गंभीर चोट लगने पर भी तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
आतिशबाजी के दौरान आंखों में चिंगारी, बारूद या पटाखों के कण जाने से कार्निया में चोट, जलन, सूजन और गंभीर स्थिति में दृष्टि प्रभावित होने का खतरा रहता है। ऐसे मामलों में नेत्र रोग विभाग द्वारा उपचार किया जाएगा। आंखों में चोट लगने पर उन्हें रगड़ने या दबाव डालने से बचना चाहिए तथा तत्काल नेत्र विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए।
दीपावली के दौरान पटाखों से निकलने वाले धुएं के कारण सांस लेने में परेशानी, अस्थमा, एलर्जी एवं खांसी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। ऐसे मरीजों के उपचार के लिए मेडिसिन विभाग तैयार रहेगा। वहीं तेज आवाज वाले पटाखों के कारण कानों में दर्द, घंटी बजने जैसी आवाज सुनाई देना अथवा सुनने की क्षमता प्रभावित होने की स्थिति में ईएनटी विभाग द्वारा उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
इसके अलावा पटाखों के विस्फोट से हाथ-पैर में फ्रैक्चर, हड्डियों एवं जोड़ों में चोट जैसी घटनाओं के उपचार के लिए अस्थि रोग विभाग को भी तैयार रखा गया है। गंभीर घायलों के लिए आपरेशन थिएटर (ओटी), आईसीयू, आवश्यक दवाइयां, जीवनरक्षक उपकरण एवं ब्लड की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस भी स्टाफ सहित उपलब्ध रहेगी।
सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि दीपावली खुशियों और रोशनी का पर्व है। इसे उत्साह के साथ मनाने के दौरान अपनी और दूसरों की सुरक्षा का ध्यान रखना भी जरूरी है। पटाखों का उपयोग सावधानी से करें और बच्चों को अकेले पटाखे न जलाने दें। किसी भी प्रकार की दुर्घटना होने पर घरेलू उपचार में समय गंवाने के बजाय तत्काल अस्पताल पहुंचें। उन्होंने कहा कि सिम्स में दीपावली के दौरान आने वाले मरीजों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।
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चिकित्सा अधीक्षक डॉ लखन सिंह ने कहा कि दीपावली के दौरान अस्पताल में आने वाले आकस्मिक मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इसके लिए आवश्यक चिकित्सा संसाधन, एम्बुलेंस, ओटी एवं आईसीयू की व्यवस्था तैयार रखी गई है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि पटाखे खुले एवं सुरक्षित स्थान पर जलाएं, ज्वलनशील पदार्थों से दूर रहें और किसी भी दुर्घटना की स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।
सिम्स प्रबंधन ने नागरिकों से अपील की है कि दीपावली का पर्व सावधानी एवं सुरक्षित तरीके से मनाएं। किसी भी आपातकालीन स्थिति में सिम्स के आपातकालीन विभाग के दूरभाष क्रमांक 07752-222301 पर संपर्क किया जा सकता है।
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