
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। शराब, कोल लेवी और मेडिकल घोटालों की जांच के सिलसिले में राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने शुक्रवार को प्रदेश के छह जिलों में एक साथ 16 ठिकानों पर तलाशी की कार्रवाई की। रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, राजनांदगांव, कोरबा और गरियाबंद में हुई इस कार्रवाई के दौरान वित्तीय लेनदेन, संपत्तियों की रजिस्ट्री और आर्थिक गतिविधियों से जुड़े दस्तावेजों के साथ डिजिटल उपकरण भी जांच के दायरे में रहे।
बिलासपुर में उसलापुर स्थित अलका एवेन्यू में कोयला कारोबारी शाहबाज खान के ठिकाने पर भी सुबह जांच टीम पहुंची। ईओडब्ल्यू की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, शराब घोटाले से जुड़े अपराध क्रमांक 04/2024 में रायपुर और राजनांदगांव जिले के छह स्थानों पर तलाशी ली गई। कोल लेवी घोटाला मामले में दर्ज अपराध में कोरबा, बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग के छह ठिकानों पर कार्रवाई हुई।
वहीं, मेडिकल घोटाले के अपराध क्रमांक 05/2025 में रायपुर और गरियाबंद जिले के चार स्थानों की तलाशी ली गई। बिलासपुर में संयुक्त ईओडब्ल्यू-एसीबी टीम ने उसलापुर के अलका एवेन्यू स्थित कोयला कारोबारी शाहबाज खान के ठिकाने पर दबिश दी। रायपुर से पहुंची टीम ने सुबह परिसर में प्रवेश कर जांच शुरू की। कार्रवाई के दौरान दस्तावेजों और वित्तीय रिकार्ड के साथ कंप्यूटर तथा मोबाइल फोन जैसे डिजिटल उपकरणों की भी पड़ताल की गई।
घर के सदस्यों से पूछताछ किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, शाहबाज खान के ठिकाने पर हुई तलाशी को लेकर ईओडब्ल्यू की आधिकारिक विज्ञप्ति में किसी व्यक्ति का नाम या बरामद सामग्री का अलग से उल्लेख नहीं किया गया है। एजेंसी ने केवल इतना बताया है कि कोल लेवी घोटाले से जुड़े मामले में बिलासपुर सहित चार जिलों के छह स्थानों पर तलाशी की गई।
ईओडब्ल्यू के मुताबिक, तलाशी के दौरान प्रकरणों से संबंधित वित्तीय अनियमितताओं, अवैध लेनदेन और आर्थिक गतिविधियों से जुड़े महत्वपूर्ण अभिलेख, संपत्तियों की रजिस्ट्री के दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अन्य साक्ष्य संकलित किए गए हैं। एजेंसी का कहना है कि नए तथ्यों और साक्ष्यों से मामलों में पहले से स्थापित साक्ष्यगत कड़ियों को मजबूती मिलने की संभावना है।
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शराब घोटाले के मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड विधान की धोखाधड़ी, जालसाजी व आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज है। कोल लेवी घोटाले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के साथ वसूली, धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़ी धाराएं लगाई गई हैं। मे
डिकल घोटाले में भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और आपराधिक न्यासभंग, जालसाजी तथा षड्यंत्र से संबंधित धाराओं के तहत जांच चल रही है। ईओडब्ल्यू ने बताया है कि तलाशी में मिले दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों का परीक्षण किया जा रहा है। आरोपितों की भूमिका और उनके विरुद्ध उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक एवं विवेचनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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