
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत 22 अक्टूबर से प्रदेश के दो दिवसीय प्रवास पर रहेंगे। बिलासपुर में वे प्रदेश के संगठन प्रभारियों के साथ चर्चा करेंगे। उनके इस प्रवास के दौरान प्रदेश को दो संभागों में बांटने के प्रस्ताव पर सहमति मिलने की संभावना है।
अभी तक पूरा प्रदेश एक एकल प्रांतीय इकाई के रूप में संचालित होता रहा है, लेकिन देशभर में प्रांत की व्यवस्था के समाप्त होने के बाद भौगोलिक दूरियों और मैदानी व वनांचल क्षेत्रों की अलग-अलग चुनौतियों को देखते हुए इसे दो संभागों में बांटा जा सकता है।
भागवत के प्रवास के लिए राजधानी रायपुर के प्रमुख पदाधिकारियों और चुनिंदा प्रचारकों को विशेष बुलावा भेजा गया है। चर्चाओं के अनुसार, बिलासपुर और सरगुजा संभाग को मिलाकर एक संभाग तथा रायपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग को दूसरे संभाग के रूप में पुनर्गठित किया जा सकता है।
इस परिवर्तन का मूल मंत्र सुदूर अंचलों, विशेषकर बस्तर और सरगुजा के अंतिम छोर तक शाखाओं के नेटवर्क को सघन बनाना है, ताकि वैचारिक संदेश बिना किसी रुकावट के हर वर्ग तक पहुंचे। नई संरचना पर बीते साल ही संघ की बैठक में मुहर लगा दी गई थी और इसे लागू करने की दिशा में काम प्रारंभ हो चुका है।
बिलासपुर में होने वाली इन बैठकों का मुख्य एजेंडा केवल प्रशासनिक फेरबदल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जन-संवाद की नई रणनीतियों को तय करेगा। संघ का पूरा जोर अब चालीस वर्ष से कम उम्र के युवाओं को वैचारिक रूप से जोड़ने पर है।
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इसके साथ ही, आदिवासी बहुल क्षेत्रों में जन-जागरण अभियानों को तेज करने और समाज के हर वर्ग तक संपर्क साधने के लिए नए निर्देश जारी किए जाएंगे, जबकि घर-घर जाकर वैचारिक साहित्य और परिचय पत्र पहुंचाने के अभियानों की भी सूक्ष्म समीक्षा की जाएगी।
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