• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • शारदीय नवरात्रि
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • बिलासपुर

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नए ढांचे में दो संभागों में बंटेगा छत्तीसगढ़

RSS Chhattisgarh: बिलासपुर और सरगुजा संभाग को मिलाकर एक संभाग तथा रायपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग को दूसरे संभाग के रूप में पुनर्गठित किया जा सकता है।

By Digital DeskEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Wed, 21 Oct 2026 01:13:52 PM (IST)Updated Date: Wed, 21 Oct 2026 01:20:43 PM (IST)
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नए ढांचे में दो संभागों में बंटेगा छत्तीसगढ़
संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत। - फाइल फोटो

HighLights

  1. अभी तक पूरा प्रदेश एक एकल प्रांतीय इकाई के रूप में संचालित होता रहा
  2. क्षेत्रों की अलग-अलग चुनौतियों को देखते हुए इसे दो संभागों में बांटा जा सकता है
  3. बस्तर और सरगुजा के अंतिम छोर तक शाखाओं के नेटवर्क को सघन बनाना है

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत 22 अक्टूबर से प्रदेश के दो दिवसीय प्रवास पर रहेंगे। बिलासपुर में वे प्रदेश के संगठन प्रभारियों के साथ चर्चा करेंगे। उनके इस प्रवास के दौरान प्रदेश को दो संभागों में बांटने के प्रस्ताव पर सहमति मिलने की संभावना है।

अभी तक पूरा प्रदेश एक एकल प्रांतीय इकाई के रूप में संचालित होता रहा है, लेकिन देशभर में प्रांत की व्यवस्था के समाप्त होने के बाद भौगोलिक दूरियों और मैदानी व वनांचल क्षेत्रों की अलग-अलग चुनौतियों को देखते हुए इसे दो संभागों में बांटा जा सकता है।


भागवत के प्रवास के लिए राजधानी रायपुर के प्रमुख पदाधिकारियों और चुनिंदा प्रचारकों को विशेष बुलावा भेजा गया है। चर्चाओं के अनुसार, बिलासपुर और सरगुजा संभाग को मिलाकर एक संभाग तथा रायपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग को दूसरे संभाग के रूप में पुनर्गठित किया जा सकता है।

इस परिवर्तन का मूल मंत्र सुदूर अंचलों, विशेषकर बस्तर और सरगुजा के अंतिम छोर तक शाखाओं के नेटवर्क को सघन बनाना है, ताकि वैचारिक संदेश बिना किसी रुकावट के हर वर्ग तक पहुंचे। नई संरचना पर बीते साल ही संघ की बैठक में मुहर लगा दी गई थी और इसे लागू करने की दिशा में काम प्रारंभ हो चुका है।

संघ के नए विजन में बस्तर से लेकर युवा शक्ति तक

बिलासपुर में होने वाली इन बैठकों का मुख्य एजेंडा केवल प्रशासनिक फेरबदल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जन-संवाद की नई रणनीतियों को तय करेगा। संघ का पूरा जोर अब चालीस वर्ष से कम उम्र के युवाओं को वैचारिक रूप से जोड़ने पर है।

यह भी पढ़ें- कैप्टन स्मित मच्छर की वीरता की मोहन भागवत ने की सराहना, विजयादशमी उत्सव में बोले- यही है सनातन संस्कारों की असली ताकत

इसके साथ ही, आदिवासी बहुल क्षेत्रों में जन-जागरण अभियानों को तेज करने और समाज के हर वर्ग तक संपर्क साधने के लिए नए निर्देश जारी किए जाएंगे, जबकि घर-घर जाकर वैचारिक साहित्य और परिचय पत्र पहुंचाने के अभियानों की भी सूक्ष्म समीक्षा की जाएगी।

यह भी पढ़ें- विजयादशमी पर RSS का भव्य आयोजन, सरसंघचालक मोहन भागवत बोले- भारत में रिजीम चेंज न कभी हुआ है और न होगा