अमरकंटक, मंडला, केंदा और पेंड्रारोड जाने वालों का लगेगा टोल, छतौना और केंदा के बीच बनेगा टोल प्लाजा
Bilaspur News: अमरकंटक और मंडला को जोड़ने वाले आरएमकेके मार्ग का कायाकल्प अब अंतिम दौर की ओर बढ़ रहा है। लगभग 650 करोड़ रुपये की इस महापरियोजना के तहत ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 11 Jan 2026 01:19:28 PM (IST)Updated Date: Sun, 11 Jan 2026 01:19:28 PM (IST)
अमरकंटक, मंडला, केंदा और पेंड्रारोड जाने वालों का लगेगा टोल, छतौना और केंदा के बीच बनेगा टोल प्लाजाHighLights
- आरएमकेके मार्ग का कायाकल्प अब अंतिम दौर में
- 650 करोड़ की महापरियोजना के तहत हो रहा काम
- वाहनों की रफ्तार 80 किमी प्रति घंटा तक हो जाएगी
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। अमरकंटक और मंडला को जोड़ने वाले आरएमकेके मार्ग का कायाकल्प अब अंतिम दौर की ओर बढ़ रहा है। लगभग 650 करोड़ रुपये की इस महापरियोजना के तहत केंदा से केंवची तक की सड़क को अत्याधुनिक बनाया जा रहा है। इस मार्ग पर चलने वाले यात्रियों को अब विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी, लेकिन इसके साथ ही उन्हें टोल टैक्स का भुगतान भी करना होगा।
छतौना और केंदा के बीच टोल प्लाजा बनाने की तैयारी
विभाग ने छतौना और केंदा के बीच टोल प्लाजा बनाने की तैयारी कर ली है। टोल नाका बनने के बाद अमरकंटक, मंडला, केंदा व पेंड्रारोड जाने के लिए टैक्स देना होगा। आरएमकेके सड़क परियोजना तीन चरणों में पूरी की जा रही है। पहले चरण में रतनपुर से केंदा तक का कार्य जारी है, जिसे जून तक पूरा करने का लक्ष्य है। दूसरे चरण में केंवची से कारीआम तक की सड़क अक्टूबर तक पूर्ण होगी।
चुनौती पूर्ण तीसरा चरण केंदा से कारीआम के बीच का
सबसे चुनौतीपूर्ण तीसरा चरण केंदा से कारीआम के बीच का घाटी क्षेत्र है। यहां पीडब्ल्यूडी पांच किलोमीटर लंबा एलिवेटेड हाईवे बनाने जा रहा है। अत्याधुनिक इंजीनियरिंग से बनने वाले इस हाईवे के लिए पहाड़ियों को 20 मीटर तक काटा जाएगा ताकि 10 खतरनाक मोड़ों को खत्म कर मार्ग को सीधा किया जा सके।
वाहनों की रफ्तार 80 किमी प्रति घंटा तक हो जाएगी
एलिवेटेड हाईवे के बनने से वाहनों की रफ्तार 80 किमी प्रति घंटा तक हो जाएगी, जिससे सफर का समय काफी घट जाएगा। केंदा-कारीआम के बीच पांच किमी लंबा एलिवेटेड हाईवे ऊंचे पिलरों पर टिका होगा। इसे बनाना एक बड़ी इंजीनियरिंग चुनौती है, क्योंकि दुर्गम घाटी में भारी मशीनरी और कंक्रीट संरचना को खड़ा करना कठिन कार्य है।
219 करोड़ की लागत वाला यह प्रोजेक्ट न केवल सफर सुगम करेगा बल्कि पहाड़ों पर होने वाले भूस्खलन से भी मार्ग को सुरक्षित रखेगा।
खोडरी रेलवे क्रॉसिंग पर 140 करोड़ का आरओबी
अमरकंटक मार्ग पर खोडरी रेलवे क्रॉसिंग लंबे समय से यात्रियों के लिए मुसीबत का सबब बनी रहती है। यहां ट्रेनों की अधिक आवाजाही के कारण घंटों फाटक बंद रहता है। अब 140 करोड़ की लागत से बनने वाले ओवरब्रिज (रेलवे ओवरब्रिज) से यात्री बिना रुके रेलवे ट्रैक को पार कर सकेंगे। ब्रिज परियोजना के सबसे महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर में से एक है।
केंवची में रिफ्रेशमेंट रूम
केंवची में प्रस्तावित रिफ्रेशमेंट रूम पर स्वच्छ पेयजल, जलपान और विश्राम की व्यवस्था होती है। घाट व अन्य चुनौतीपूर्ण रास्तों पर सफर से पहले या बाद में थोड़ा विश्राम चालक की एकाग्रता बढ़ाता है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की संभावना कम हो जाती है।
आरएमकेके मार्ग पर यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं देने के लिए 650 करोड़ की योजना तैयार की गई है। तीसरे चरण में पांच किमी एलिवेटेड हाईवे और खोडरी में आरओबी का निर्माण प्रमुख है। इससे 10 खतरनाक मोड़ समाप्त होंगे और दुर्घटनाएं कम होंगी। यात्रियों की बेहतर सुविधा और मार्ग के संधारण के लिए टोल टैक्स व रिफ्रेशमेंट रूम का प्राविधान किया गया है।
-रविन्द्र खांबरा, कार्यपालन अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग बिलासपुर