
नईदुनिया न्यूज, धमतरी। गंगरेल बांध का विशाल जलक्षेत्र, हरे-भरे जंगल, पहाड़ियां और ग्रामीण अंचलों की सांस्कृतिक विरासत धमतरी जिले को प्रकृति एवं एडवेंचर टूरिज्म के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाएं समेटे हुए हैं। इन संभावनाओं को साकार करने के लिए सटियारा गांव में रा कैंपिंग की पहल शुरू की गई है।
कैंपिंग एवं पर्यटन कंपनी कैंपवन्स के दो दिवसीय शिविर में रायपुर, भिलाई और बिलासपुर से पहुंचे पर्यटकों ने प्रकृति के बीच समय बिताने के साथ ग्रामीण जीवन और स्थानीय संस्कृति को करीब से जाना।
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शिविर में टेंट में रात्रि विश्राम, जंगल में ट्रेकिंग, बोटिंग, अलाव के आसपास सामूहिक गतिविधियों और कहानी-कथन का आयोजन किया गया। पर्यटकों ने ग्रामीणों से संवाद किया और बच्चों व बुजुर्गों के साथ समय बिताया। ग्रामीणों ने आत्मीयता के साथ पर्यटकों को सीताफल भेंट किए। इस पहल से प्रकृति आधारित पर्यटन के साथ शहर और गांव के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव की संभावनाएं भी सामने आईं।
हरफर और कोलियारी में भी पर्यटन विस्तार की तैयारी
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने बताया कि सटियारा को कैंपिंग साइट के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। गंगरेल बांध के आसपास के डूबान क्षेत्रों में पर्यटन की व्यापक संभावनाएं हैं। इसे देखते हुए हरफर, कोलियारी सहित अन्य उपयुक्त क्षेत्रों में भी पर्यटन गतिविधियों के विस्तार के प्रयास किए जाएंगे।
कोलियारी में पर्यटन गतिविधियों को व्यवस्थित रूप देने के लिए पर्यटन समिति के गठन की पहल की जा रही है। साथ ही बोटिंग विलेज की अवधारणा के अनुरूप विकास की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।