
नईदुनिया प्रतिनिधि, भिलाई। दुर्ग जिला मुख्यालय के एक मोहल्ले में देर रात शराब की महफिल उस समय खौफनाक मोड़ पर पहुंच गई, जब एक बर्खास्त सिपाही ने पुलिस के एक इंस्पेक्टर को थप्पड़ जड़ दिया और जवाब में इंस्पेक्टर ने अपनी सर्विस रिवाल्वर से फायरिंग कर दी। गनीमत रही कि गोली बर्खास्त सिपाही को छूती हुई निकली और वह बाल-बाल बच गया। बर्खास्त सिपाही पर महादेव ऑनलाइन सट्टा चलाने का आरोप लगा हुआ है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मोहल्ले में आयोजित इस महफिल में पुलिस विभाग के कुछ चर्चित अधिकारी-कर्मचारी, असामाजिक तत्व और कुछ सफेदपोश राजनीतिक कार्यकर्ता भी मौजूद थे। सभी शराब के नशे में जाम पर जाम छलका रहे थे। इसी दौरान बीयर की बोतल पकड़ाने की बात को लेकर बर्खास्त सिपाही और इंस्पेक्टर के बीच कहासुनी शुरू हुई।
बताया जा रहा है कि नशे की हालत में बर्खास्त सिपाही ने इंस्पेक्टर को बीयर की बोतल थमाई, जिसे इंस्पेक्टर ने अपनी शान के खिलाफ मानते हुए जमीन पर पटक दिया। इसी बात पर गुस्साए बर्खास्त सिपाही ने इंस्पेक्टर को जोरदार तमाचा जड़ दिया। थप्पड़ लगते ही माहौल अचानक गर्म हो गया और इंस्पेक्टर ने आवेश में आकर अपनी सर्विस रिवाल्वर निकाली तथा बर्खास्त सिपाही की ओर फायर कर दिया। गोली उसके बगल से निकल गई और वह जान बचाकर पीछे हट गया।
फायरिंग की आवाज सुनते ही महफिल में सन्नाटा पसर गया। मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर दोनों को शांत कराया और मामला दबाने की कोशिश की गई। चर्चा है कि इस पूरी घटना की सीसीटीवी फुटेज दूसरे ही दिन डिलीट कर दी गई, जिससे संदेह और गहरा गया है।
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हैरानी की बात यह है कि घटना के बाद सामने आया कि बर्खास्त सिपाही और इंस्पेक्टर एक-दूसरे को पहले से पहचानते तक नहीं थे। फिलहाल इस सनसनीखेज घटनाक्रम को लेकर दुर्ग-भिलाई में जबरदस्त चर्चाएं हो रही हैं, लेकिन अब तक पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
पुलिस को घटना की सूचना मिली है और मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी- विजय अग्रवाल , एसएसपी दुर्ग।