
नईदुनिया प्रतिनिधि, जशपुरनगर: जिला परिवहन अधिकारी विजय निकुंज के पैतृक आवास में हुई चोरी की गुत्थी को पुलिस ने उनकी सगी भतीजी और उसके प्रेमी को दबोचकर सुलझा तो लिया, लेकिन इस मामले ने तब नया मोड़ ले लिया, जब भतीजी ने करोड़ों की चोरी करने की बात स्वीकारी, जबकि रिपोर्ट 35 लाख की ही लिखाई गई थी।
नतीजा, अब खुद परिवहन अधिकारी पर ही जांच के घेरे में आने का संकट मंडराने लगा है। क्योंकि, इतनी बड़ी मात्रा में सोने की मौजूदगी ने उनकी घोषित आय और संपत्ति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि छह दिसंबर को विजय निकुंज की पत्नी सुषमा निकुंज ने नारायणपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में उन्होंने बताया कि केराडीह के रैनीडांड में उनका पैतृक आवास है, जहां उनके देवर, पत्नी और भतीजी निवास करते हैं। उनकी भतीजी, आरोपिता मिनल निकुंज, जिला मुख्यालय जशपुर के एक कालेज में पढ़ाई कर रही है।
सुषमा के अनुसार, वह 27 अगस्त 2025 को अपने पैतृक घर रैनीडांड गई थीं। जब उन्होंने दरवाजा खोला, तो देखा कि अंदर का दरवाजा टूटा हुआ था। अंदर अटैची में रखे 15 लाख रुपये और आभूषण गायब थे। उन्होंने 15 लाख रुपये सहित 35 लाख रुपये के गहनों की चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में उन्होंने यह भी बताया कि उनकी भतीजी मिनल निकुंज कुछ दिन पहले पुराने घर की सफाई करने आई थी, इसलिए उन्होंने मिनल पर चोरी का संदेह जताया।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि संदेही मिनल निकुंज अपने प्रेमी अनिल प्रधान के साथ झारखंड के रांची के एक होटल में रुकी हुई है। एसएसपी के अनुसार, पूछताछ में मिनल ने बताया कि वह 2024 से जशपुर शहर में किराए के कमरे में रहकर पढ़ाई कर रही थी। इसी दौरान उसकी पहचान अनिल प्रधान से हुई, जो जशपुर शहर में एक निजी वित्त कंपनी में काम करता था। उनका परिचय जल्द ही प्यार में बदल गया और दोनों लिव-इन में रहने लगे। मिनल ने बताया कि वह बीच-बीच में अपने माता-पिता से मिलने रैनीडांड जाती रहती थी।
अप्रैल 2025 में, दादी के कहने पर उसने घर की सफाई की। इसी दौरान उसे नोटों से भरी एक पुरानी अटैची मिली। मिनल ने दो लाख रुपये निकालकर अटैची वापस रख दी। इस रकम से उसने एक आइफोन खरीदा और मौज-मस्ती में खर्च कर दिया। उसे फिर पैसे की जरूरत पड़ी तो उसने पुन: इस वारदात को दोहराया।
पकड़े न जाने पर उसका हौसला बढ़ा और इसके बाद उसने दादी के कमरे से चाबी चुराकर अपने प्रेमी और उसके छह दोस्तों के साथ मिलकर पूरा सूटकेस चुरा लिया, जिसमें 15 लाख रुपये, सोने के बिस्कुट और आभूषण थे। चोरी के बाद सभी आरोपी रायपुर पहुंचे और मिनल का जन्मदिन मनाने में पांच लाख रुपये खर्च कर दिए।
आरोपितों ने ओडिशा में सोने के बिस्कुट बेचे, जिससे उन्हें आठ लाख रुपये मिले, जिसे सभी ने आपस में बांट लिया। चोरी की रकम से आरोपियों ने एक कार भी खरीदी थी।
आरोपियो ने बताया कि ओडिशा में सोने के बिस्कुट बेचने के बाद बचे हुए सोने को मिनल के घर में छिपा दिया था। इसके बाद सभी आरोपी देशदेखा (पर्यटन स्थल) पिकनिक मनाने गए। आरोपितों के अनुसार, पिकनिक के दौरान कुछ साथी जरूरी काम का बहाना बनाकर वापस लौट गए थे। जब वे रानी बगीचा स्थित अपने घर लौटे, तो सोने से भरा सूटकेस गायब था। इस घटना के बाद, पकड़े जाने के डर से मिनल और अनिल रांची भाग गए थे।
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चोरी के इस मामले का राजफाश होने के बाद अब जिला परिवहन अधिकारी विजय निकुंज की आय की जांच का मामला भी उठ सकता है। बताया जा रहा है कि सुषमा निकुंज ने 15 लाख रुपये सहित 35 लाख की चोरी का उल्लेख किया है, लेकिन पकड़ी गई मिनल ने करोड़ों की चोरी की बात स्वीकार की है, जिसमें बड़ी मात्रा में सोने के जेवर और बिस्कुट शामिल हैं।
पकड़े गए आरोपियों में मिनल निकुंज (21), रैनीडांड, अनिल प्रधान (25), बासनतला नारायणपुर, अभिषेक इंदवार (28) गोरिया टोली मनोरा, लंकेश्वर बड़ाईक (35) कोडरा-झारखंड, अलीशा भगत (29) बाधरकोना, जशपुर शामिल हैं।
पुलिस ने 86,300 रुपये, एक हरियर कार, मंगलसूत्र, सोने के बिस्कुट, सोने का कड़ा, एक आइफोन और चार एंड्राइड फोन बरामद किए हैं।
चोरी के मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उनके कब्जे से सोने के बिस्कुट, नगद, ज्वेलरी सहित 51 लाख रुपये से अधिक का माल जब्त किया गया है। अन्य आरोपितों की तलाश की जा रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- शशि मोहन सिंह, एसएसपी, जशपुर