
नईदुनिया प्रतिनिधि, कोरबा: एसईसीएल के एक मकान में युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस की आपातकालीन सेवा डायल 112 के चालक की भी संलिप्तता सामने आई है, जिसने दोस्तों के साथ मिलकर बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र की एक युवती को अपना शिकार बनाया। घटना में शामिल पांच आरोपितों में दो को पुलिस ने पकड़ लिया है, जबकि तीन अब भी फरार हैं।
बांकीमोंगरा क्षेत्र के एक दुकान में काम करने वाली 19 वर्षीय एक युवती से तरुण श्रीवास की मुलाकात करीब दो माह पहले दुकान में ही हुई थी। दोनों के बीच दोस्ती हो गई और उस पर युवती विश्वस करने लगी। आठ जनवरी की रात करीब नौ बजे तरूण ने मोबाइल से संपर्क कर युवती को घर से बाहर आने के लिए कहा। घर के परिवार के लोग थे, इसलिए उसने बाहर निकलने में असमर्थता जाहिर की। तब तरूण ने आवेश में आकर उसे धमकाते हुए कहा कि मोबाइल में उसके आपत्तिजनक वीडियो है, उसे वह इंटरनेट मीडिया में प्रसारित कर देगा।
भयभीत युवती बहाने कर किसी तरह घर से बाहर निकली और तरूण उसे एक्टिवा में बैठा कर बांकीमोंगरा के एक कालोनी के खाली मकान में ले गया। यहां खुद उसने शराब पिया और युवती को भी जबरदस्ती शराब पिला दिया। नशे की अवस्था में युवती के साथ उसने दुष्कर्म किया। साथ ही उसने बांकीमोंगरा क्षेत्र के डायल 112 वाहन के चालक भुवन साहू, गनपत समेत अन्य दोस्तों को भी बुला लिया।
सभी आरोपितों ने युवती के साथ दुष्कर्म करने के बाद करीब दो बजे रात को वापस उसके घर के पास छोड़ कर चले गए। इस मामले में पुलिस ने आरोपितों के विरुद्ध सामूहिक दुष्कर्म का अपराध पंजीबद्ध किया है। दो आरोपित तरुण व भुवन को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं गनपत समेत तीन अभी फरार हैं।
पीड़िता नौ जनवरी की सुबह करीब छह बजे बांकीमोंगरा थाना रिपोर्ट लिखाने पहुंची, पर वहीं मौजूद पुलिस कर्मियों ने उसे वापस लौटा दिया। इसके बाद पीड़िता अपने स्वजन के साथ पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के समक्ष पहुंची और आपबीती सुनाई। पुलिस अधीक्षक तिवारी ने तत्काल सिविल लाइन थाना पुलिस को कार्रवाई करने के निर्देश दिए। शून्य में अपराध पंजीबद्ध कर केस डायरी को अग्रिम कार्रवाई के लिए बांकीमोंगरा थाना प्रेषित कर दिया गया है।
आपातकालीन स्थिति में पुलिस की मदद के लिए 112 डायल किया जाता है, लेकिन वाहन चालक ही सामूहिक दुष्कर्म का आरोपित निकल गया है। 112 के चालक एक निजी प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से नियुक्त किए गए हैं। चूंकि सीधे तौर पर चालक पुलिस की गतिविधियों से जुड़े हैं, इसलिए कहीं न कहीं इस घटना से पुलिस की छबि धूमिल हुई है।
दर्री सीएसपी विमल पाठक ने बताया कि ठेका पद्धति पर चालकों की भर्ती की गई है। नियुक्ति से पहले चरित्र सत्यापन भी कराया जाता है। जल्द ही फरार आरोपितों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।