
नईदुनिया प्रतिनिधि, कोरबा: जिले में कबाड़ का धंधा अवश्य बंद कर दिया गया है, पर कबाड़ चोरी का सिलसिला नहीं थम रहा। चोर बेधड़क लोहा चोरी कर रहे हैं और पुलिस को चुनौती दे रहे है। आरोपितों तक पुलिस के हाथ नहीं पहुंचने से इनके हौसले बढ़ गए हैं और आम लोगों की सुविधा के बनाए संसाधन को भी चोरी करने से परहेज नहीं कर रहे।
ऐसा ही एक मामला रशियन हॉस्टल के समीप नहर के ऊपर बने लोहे के पुल की चोरी का सामने आया है। अज्ञात चोरों ने लोहे का पूरा पुल काट कर एक ही रात में चोरी कर लिया। सुबह जानकारी होने पर मामला थाना पहुंचा।

घटना सिविल लाइन थाना रामपुर पुलिस की सीएसईबी पुलिस चौकी अंतर्गत सोमवार की रात का है। पुलिस कोयला, कबाड़ एवं डीजल चोरी पर अंकुिश लगाने का दावा कर रही है, पर सच्चाई इससे कोसो दूर है। नगर निगम के वार्ड क्रमांक 17 ढोढ़ीपारा में विद्युत कंपनी के विभागीय आवासीय परिसर एवं रशियन हास्टल के मध्य बहने वाली नहर के ऊपर कई दशक पूर्व सिंचाई विभाग ने लोहे का पुल बनवाया था।
क्षेत्र में बस्ती बस जाने की वजह से स्थानीय लोग इस पुल से आवागमन करते हैं। मंगलवार की सुबह बस्ती के लोग नहर के पास पहुंचे, तब उन्हें पूरा पुल गायब मिला। इससे उनके होश उड़ गए। जानकारी होने पर बस्ती के लोगों की भीड़ लग गई।
इस बीच वार्ड पार्षद लक्ष्मण श्रीवास भी मौके पर पहुंच गए। उन्हने कहा कि जीवन में पहली बार इस तरह की चोरी देखी है, जहां पूरा पुल गायब कर दिया गया है। मोहल्ले के लोगों के आवागमन के लिए यह पुल काफी जरूरी था, अब उन्हें लंबा चक्कर लगाकर आना-जाना करना पडे़गा। बाद में उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई है। साथ ही वार्डवासियों के साथ बैठक कर पुलिस अधीक्षक से शिकायत करने का निर्णय लिया।
मामला कलेक्टर के संज्ञान में भी लाया गया है। उन्होंने सवाल उठाते कहा कि यदि अवैध कोयला, डीजल और कबाड़ की चोरी पर रोक लग चुका है, तो इतना भारी पुल आखिर किसने और कैसे चोरी किया और कबाड़ कौन खरीद रहा है। सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि पार्षद ने पुल चोरी की शिकायत दर्ज कराई है। बीएनएस की धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया है।
पूरी तरह लोहे से बना यह पुल लगभग 15 टन वजनी थी। 60 फीट लंबा होने की वजह से इसमें मोटा लोहा लगा हुआ था। चोरों ने इतनी ठंड के बावजूद पूरी रात इस पुल को कई हिस्सों में काटा होगा और किसी चार पहिया वाहन में लोड कर ले गए, क्योंकि उठा कर ले जाना संभव नही है। यह करामात एक चोर के बलबूते नहीं बल्कि कई चोर शामिल हो सकते हैं। पुल में लगे भारी भरकम लोहे की चोरी से स्थानीय लोगों में नाराजगी व्याप्त है। उनका कहना है कि इतनी बड़ी चोरी बिना किसी तैयारी और साधनों के संभव नहीं है।
चोरों ने केवल इस पुल की ही चोरी नहीं की, बल्कि इसी क्षेत्र में ढेंगुरनाला के ऊपर नगर पालिका निगम की जल आवर्धन योजना के तहत बिछाई गई पाइपलाइन को सहारा देने के लिए बनाए गए लोहे के स्ट्रक्चर को भी पार कर दिया। इसमें लगे लोहे के एंगल को लगभग 15 फीट तक काट कर ले गए। इससे पाइप लाइन की सुरक्षा भी चरमरा गई है। जल्द ही पाइप लाइन को सपोर्ट नहीं किया जाता है तो पाइप लाइन भी गिर सकती है। ऐसी स्थिति में पानी की आपूर्ति प्रभावित होने से इंकार नहीं किया जा सकता है।
कबाड़ चोरी का धंधा लगातार जारी है, क्योंकि पिछले दिनों कुसमुंडा खदान में भी केबल काटने के लिए कुछ चोर घुसे थे। इस दौरान करंट लगने से एक चोर की मौत हो गई थी, तब उसके साथियों ने शव आधा मिट्टी में दबा कर छोड़ कर भाग गए थे। बाद में पुलिस ने दो आरोपित को गिरफ्तार किया था।
वहीं बलगी क्षेत्र में बिछी रेल लाइन को भी अज्ञात चोरों ने कटर से काट कर चार पहिया में ले जाने किया, पर लोगों की नजर पड़ जाने पर वाहन छोड़ कर भाग गए थे। दो दिन पहले राताखार क्षेत्र के दो कबाड़ी के गोदाम को पुलिस ने कार्रवाई कर सील कर दिया था।