सराईपाली में 104 लोगों की सनातन धर्म में वापसी, प्रबल प्रताप सिंह बोले- छत्तीसगढ़ को बंगाल कतई बनने नहीं देंगे
CG News: छत्तीसगढ़ के सराईपाली में पांच दिवसीय आयोजन में गुरुवार को अखिल भारतीय घर वापसी प्रमुख प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने विधिवत पैर पखारकर श्रद्धा, ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 17 Jan 2026 09:33:46 PM (IST)Updated Date: Sat, 17 Jan 2026 09:33:46 PM (IST)
चरण पखारकर घर वापसी कराते अखिल भारतीय घर वापसी प्रमुख प्रबल प्रताप सिंह जूदेवHighLights
- छत्तीसगढ़ के सराईपाली में 104 लोगों की सनातन धर्म में वापसी
- प्रबल प्रताप सिंह बोले- छत्तीसगढ़ को बंगाल कतई बनने नहीं देंगे
नईदुनिया प्रतिनिधि, महासमुंद। सराईपाली स्थित स्वामी सुमेधानंद वैदिक गुरुकुल, कटंगपाली में महर्षि दयानंद मठ धर्मार्थ ट्रस्ट व सनातनियों के संयुक्त तत्वावधान में संगीतमय वैदिक श्रीराम कथा व विश्व कल्याण महायज्ञ का आयोजन हुआ। पांच दिवसीय आयोजन में गुरुवार को अखिल भारतीय घर वापसी प्रमुख प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने विधिवत पैर पखारकर श्रद्धा, भक्ति व वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ 50 परिवार से अधिक यानी 104 व्यक्तियों की पुनः सनातन धर्म में घर वापसी कराई।
इस अवसर पर वैदिक परंपराओं के अनुरूप धार्मिक अनुष्ठान व संस्कार संपन्न हुए, जिससे पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण निर्मित हो गया। इस अवसर पर कथा वाचिका विदुषी अंजली आर्या, हरियाणा, रविन्द्रदास महाराज, यज्ञ के ब्रह्मा डा. कमल नारायण आर्य, आचार्य राकेश आर्य, कपिल शास्त्री, ठाकुर राम, चतुर्भुज आर्य, ऋषि राज, मदन अग्रवाल, अंजू गावेल, रिंकू पाण्डेय, एम. लक्ष्मी, नंदलाल यादव सहित अनेक विद्वान संन्यासी, संत-महात्मा, आचार्य सहित विभिन्न धार्मिक संगठनों व जनजातीय सामाजिक कार्यकर्ता व श्रद्धालुगण उपस्थित रहे।
200 जिलों में आ गए हैं हिंदू: प्रबल प्रताप
प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कहा कि मतांतरण की वजह से भारत की जनसांख्यिकी बदल रही है। भारत के 800 जिलों में से 200 जिलों में हिंदू अल्पमत में आ गए हैं। यह राष्ट्र सुरक्षा का गंभीर विषय है क्योंकि देश से बड़ा कुछ नहीं होता, देश सुरक्षित होना चाहिए। मतांतरण देश के लिए सबसे बड़ा खतरा है। हिंदुओं का जनसांख्यिकी परिवर्तन देश के लिए संकट है।
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उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को बंगाल नहीं बनने देंगे। समाज से एकजुट होकर सनातन संस्कृति, परंपराओं और नैतिक मूल्यों की रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया। शांति पाठ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।