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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 30, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

CG Liquor Scam: 10 आबकारी अफसरों को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत, डायरेक्टर अतुल और मुकेश को भेजा 8 दिन की रिमांड पर

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में आरोपी 10 आबकारी अधिकारियों को सुप्रीम को से राहत मिल गई है। इन अधिकारियों को ईडी कोर्ट में पेश होकर अग्रिम जमानत याचिक...और पढ़ें

By Satish PandeyEdited By: Roman Tiwari
Publish Date: Sat, 30 Aug 2025 11:51:50 AM (IST)Updated Date: Sat, 30 Aug 2025 11:52:59 AM (IST)
CG Liquor Scam: 10 आबकारी अफसरों को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत, डायरेक्टर अतुल और मुकेश को भेजा 8 दिन की रिमांड पर
10 अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत

HighLights

  1. शराब घोटाला मामले में 10 अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट से राहत
  2. अग्रिम जमानत के लिए कोर्ट में पेश करना होगा जमानत बांड
  3. शेष 18 अफसरों की जमानत पर एक सितंबर को होगी सुनवाई

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया,रायपुर: छत्तीसगढ़ में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए 32,00 करोड़ के शराब घोटाला केस में 28 आबकारी अफसरों में से दस को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गई है। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के जस्टीस सूर्यकांत,जायमाला बागची और विपुल पंचोली की बेंच ने मामले की सुनवाई की।

जिसमें दस आबकारी अधिकारियों को निचली अदालत (ईओडब्ल्यू-एसीबी की विशेष कोर्ट) में अगली पेशी में 23 सितंबर को उपस्थित होकर व्यक्तिगत जमानत बांड पेशकर अग्रिम जमानत प्राप्त करने निर्देशित किया है, जबकि शेष 18 आबकारी अधिकारियों की जमानत पर सोमवार एक सितंबर को सुनवाई नियत की गई है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी कर 10 अक्टूबर तक जवाब मांगा है।


राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो(ईओडब्ल्यू) ने शराब घोटाला केस में आबकारी विभाग के 29 अफसरों के खिलाफ पिछले महीने विशेष न्यायालय में चालान पेश किया था। इनमें से छह रिटायर हो चुके हैं जबकि एक की मृत्यु हो गई है। शेष 22 अधिकारियों को सरकार ने निलंबित कर दिया था।

इन पर वर्ष 2019 से 2023 के बीच 15 जिलों में पोस्टिंग के दौरान 90 करोड़ रुपए की अवैध वसूली करने का आरोप है। सभी अधिकारियों ने गिरफ्तारी के डर से 11 दिन पहले बिलासपुर हाईकोर्ट में जमानत याचिका लगाई थी। जहां सभी की जमानत याचिका खारिज हो गई थी। इसके बाद सभी ने सुप्रीम कोर्ट में रूख किया। याचिकाकर्ताओं की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने पैरवी की।

इन अधिकारियों को मिली राहत

सुप्रीम कोर्ट ने निलंबित आबकारी अधिकारी अरविंद कुमार पाटले,जनार्दन सिंह कौरव,विकास कुमार गोस्वामी,नोहर सिंह ठाकुर,इकबाल एहमद खान,अनंत कुमार सिंह,नीतू नोतानी ठाकुर,विजय सेन, दिनकर वासनिक, अनिमेष नेताम को निचली अदालत में जमानत बांड पेश कर जमानत लेने के निर्देश दिए गए है।

वहीं जबकि सहायक आयुक्त आबकारी रामकृष्ण मिश्रा, मोहित कुमार जायसवाल, जीएस नुरूटी, नितिन कुमार खंडुजा, एके अनंत, सोनल नेताम, सौरभ बख्शी, गरीबपाल सिंह दर्दी, जेआर मंडावी, प्रमोद कुमार नेताम, एलएल ध्रुव, जनार्दन सिंह कौरव, नवीन प्रताप सिंग तोमर, देवलाल वैद्य, राजेश जायसवाल, मंजू श्री कसेर, आशीष कोसन और प्रकाश पाल की जमानत पर एक सितंबर को सुनवाई होगी।

डायरेक्टर अतुल और मुकेश को कोर्ट ने 8 दिन की रिमांड पर भेजा

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 32,00 करोड़ के शराब घोटाला मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने जांच तेज कर दी है। झारखंड के रांची की जेल में बंद ओम साईं बेवरेजेस प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर अतुल सिंह और मुकेश मनचंदा को ट्रांजिट रिमांड पर शुक्रवार को रायपुर लाकर ईओडब्ल्यू-एसीबी की विशेष न्यायाल में पेश किया गया। जांच एजेंसी ने दोनों से पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड की मांग की। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने अतुल सिंह और मुकेश मनचंदा को आठ दिन यानि छह सितंबर तक राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो के अफसरों की रिमांड में भेजने का आदेश सुनाया।

केस की जांच कर रहे विवेचना अधिकारी घोटाले का पैसा पता करने के लिए अब दोनो आरोपितों से पूछताछ करेंगे। विवेचना अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में इस केस से संबंध रखने वाले और भी आरोपितों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा सकती है।

दो महीने पहले हुई थी गिरफ्तारी

छत्तीसगढ़ की तर्ज पर झारखंड में हुए शराब घोटाला मामले में झारखंड की ईओडब्ल्यू ने करीब दो महीने पहले श्री ओम साईं बेवरेजेस प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर अतुल कुमार सिंह व मुकेश मनचंदा को पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन जब उनके जवाब संतोषजनक नहीं मिले तो दोनों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायिक रिमांड पर रांची जेल भेज दिया गया तब से दोनों जेल में बंद थे।

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अतुल-मुकेश घोटाले के अहम कड़ी

ईओडब्ल्यू के अनुसार होलोग्राम आपूर्ति करने वाली प्रिज्म कंपनी के एमडी विधु गुप्ता का नेटवर्क कई राज्यों में है। इस नेटवर्क के जरिए शराब ठेकेदारोंअधिकारियों और सप्लायरों को प्रभावित किया जाता था। वहीं छत्तीसगढ़ के शराब कारोबारी अतुल सिंह और मुकेश मनचंदा इस पूरे नेटवर्क की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। जांच एजेंसियों को शक है कि इनकी मदद से ही छत्तीसगढ़ के घोटाले जैसा पूरा सिस्टम झारखंड में खड़ा किया गया। पूछताछ और दस्तावेजी जांच में एजेंसी को कई अहम सुराग मिले हैं। दोनों से पूछताछ में इस नेटवर्क से जुड़े और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं।