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रायपुर में बारूदी हो रही फिजा, सांसों को संभाल लीजिए; दीवाली पर AQI बढ़ने के आसार

Raipur AQI: राहत की बात है कि रायपुर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 54 से 78 के बीच यानी संतोषजनक श्रेणी में है, हालांकि पिछले आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं।

By Jitendra DahiyaEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Fri, 06 Nov 2026 11:21:20 AM (IST)Updated Date: Fri, 06 Nov 2026 11:30:17 AM (IST)
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रायपुर में बारूदी हो रही फिजा, सांसों को संभाल लीजिए; दीवाली पर AQI बढ़ने के आसार
दीवाली के दौरान पटाखों के धुएं से बढ़ सकता है एक्यूआई। - फाइल फोटो

HighLights

  1. 2024 में दीवाली के दौरान एक्यूआई 279 तक पहुंच गया था
  2. 2025 में दीवाली के समय रायपुर में यह 149 दर्ज किया गया
  3. प्रदूषण बढ़ने पर घरों के दरवाजे और खिड़कियां बंद रखें

जितेंद्र सिंह दहिया, नईदुनिया, रायपुर। रायपुर में दीवाली की रौनक अपने चरम पर है। चारों ओर साफ-सफाई, पटाखे और गुलाबी ठंड के बीच एक अलग ही उत्साह है, लेकिन इस खुशनुमा माहौल के बीच आने वाले दिनों में हवा का मिजाज बदलने की पूरी आशंका है। साफ-सुथरी फिजा बारूदी धुएं में तब्दील होने वाली है। ऐसे में अपनी सेहत और सांसों का विशेष ख्याल रखना जरूरी है।

फिलहाल राहत की बात है कि रायपुर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 54 से 78 के बीच यानी संतोषजनक श्रेणी में है। हालांकि पिछले आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। वर्ष 2024 में दीवाली के दौरान एक्यूआई 279 तक पहुंच गया था जबकि 2025 में यह 149 दर्ज किया गया था।


इस बार भी त्योहार के दौरान प्रदूषण का ग्राफ बढ़ने का खतरा बना हुआ है। मालवीय रोड, गोलबाजार और सदर बाजार जैसे व्यस्त इलाकों में रेंगते वाहनों का धुआं स्थानीय हवा को प्रभावित कर रहा है। इसके अलावा घरों की सफाई के दौरान उड़ने वाले धूलकण हवा में घुल रहे हैं और बाद में आतिशबाजी से निकलने वाला धुआं प्रदूषण बढ़ाएगा।

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क्या करें

  • ग्रीन पटाखे का सीमित उपयोग : यदि पटाखे चलाना अत्यंत आवश्यक हो तो केवल कम प्रदूषण फैलाने वाले ग्रीन पटाखे का सीमित उपयोग करें।
  • एन-95 मास्क पहनें : बाहर निकलते समय एन-95 मास्क का इस्तेमाल करें। यह हवा में मौजूद बारीक प्रदूषक कणों से बचाव में मदद करता है।
  • चिकित्सीय सलाह लें : आंखों में जलन होने पर साफ पानी से धोएं। आंखों को रगड़ें नहीं। सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सकीय सलाह लें।

क्या न करें

  • पारंपरिक भारी पटाखों से बचें : तेज आवाज और अत्यधिक धुआं छोड़ने वाले प्रतिबंधित और खतरनाक पटाखों का बिल्कुल भी उपयोग न करें।
  • कचरा या प्लास्टिक न जलाएं : पुरानी वस्तुओं, प्लास्टिक थैलियों या सफाई के कचरे को खुली हवा में न जलाएं क्योंकि इससे बेहद जहरीली गैसें निकलती हैं।
  • खिड़कियां खुली न रखें : प्रदूषण का स्तर बढ़ने पर अपने घरों के दरवाजे और खिड़कियां बंद रखें ताकि जहरीला धुआं और धूल घर के भीतर न आ सके।

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गीले कपड़े से पोछें

दीवाली की सफाई में सूखी झाड़ू के बजाय गीले कपड़े और पोछे का इस्तेमाल करें। कालीन, पर्दे और फर्नीचर की धूल खुले में न झाड़ें। पटाखों से बचें और घरों के आसपास कचरा या पत्तियां न जलाएं। सांस के रोगी आतिशबाजी वाले स्थानों पर जाने से बचें। - शम्स परवेज, पर्यावरणविद्

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