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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 07, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

छत्तीसगढ़ में कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों में सर्जरी करेगा 'देव हस्त', AIIMS Raipur में Robotic Surgery System का उद्घाटन

भध्य भारत के पहल रोबोटिक सर्जरी सिस्टम का उद्घाटन रायपुर एम्स में किया गया। इस सर्जरी सिस्टम का नाम देव हस्त रखा गया है। इसकी मदद से कैंसर और ऐसी ही अ...और पढ़ें

By Roman TiwariEdited By: Roman Tiwari
Publish Date: Sun, 07 Sep 2025 02:53:43 PM (IST)Updated Date: Sun, 07 Sep 2025 02:58:28 PM (IST)
छत्तीसगढ़ में कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों में सर्जरी करेगा 'देव हस्त', AIIMS Raipur में Robotic Surgery System का उद्घाटन
देव हस्त रोबोटिक सर्जरी सिस्टम का उद्घाटन करके मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री

HighLights

  1. मध्य भारत का पहला रोबोटिक सर्जरी सिस्टम
  2. एम्स में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया उद्घाटन
  3. एम्स में बनाया जाएगा सर्व-सुविधायुक्त 'परिजन निवास'

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में एक ऐतिहासिक कदम उठाया। उन्होंने 'देव हस्त' रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम का उद्घाटन किया, जो मध्य भारत के किसी भी सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में स्थापित होने वाला पहला रोबोटिक सर्जरी सिस्टम है। रोबोट की मदद से शरीर के जटिल अंगों की सर्जरी भी बिना किसी गलती के हो पाएगा। यह कैमरे की मदद से उस छोटे से हिस्से को थ्रीडी और बहुत बड़े आकार में दिखाता है, जिससे डाक्टर को सब कुछ साफ-साफ नजर आता है।

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उद्घाटन के बाद, मुख्यमंत्री ने स्वयं 'देव हस्त' पर पहला ड्राई लैब डिसेक्शन करके इस तकनीक की शुरुआत की। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि रोबोटिक सर्जरी से चिकित्सा की गुणवत्ता कई गुना बढ़ेगी और जल्द ही रायपुर के मेकाहारा अस्पताल में भी यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।


देवहस्त की खासियतें और लाभ

  • न्यूनतम चीरा: यह तकनीक छोटे-छोटे चीरों के माध्यम से सर्जरी को अंजाम देती है, जिससे मरीजों को कम दर्द होता है और रक्तस्राव का खतरा कम हो जाता है।
  • शीघ्र रिकवरी: छोटे चीरों और कम नुकसान के कारण मरीज जल्दी ठीक होते हैं और उन्हें अस्पताल में कम समय तक रहना पड़ता है, जिससे उपचार लागत भी घटती है।
  • उच्च सटीकता: यह प्रणाली सर्जनों को थ्रीडी विजन और रोबोटिक भुजाओं की मदद से सर्जरी करने में सक्षम बनाती है, जो मानव हाथ से भी ज्यादा लचीली और स्थिर होती हैं।
  • डुअल-कंसोल: इस प्रणाली में डुअल-कंसोल दा विंची एक्सआइ सर्जिकल सिस्टम और सिमनाऊ जैसे उन्नत सिमुलेशन प्लेटफार्म हैं, जो चिकित्सकों को प्रशिक्षण देने के लिए बहुत उपयोगी हैं।

इन बीमारियों के इलाज में होगा इस्तेमाल

  • यूरोलाजी: मूत्रमार्ग और किडनी से संबंधित बीमारियों की सर्जरी।
  • जनरल सर्जरी: पेट, आंतों और अन्य सामान्य सर्जरी।
  • ईएनटी: कान, नाक और गले से संबंधित जटिल सर्जरी।
  • प्रसूति एवं स्त्री रोग: महिलाओं से संबंधित सर्जरी।

मरीजों के परिजनों के लिए 'परिजन निवास'

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने बताया कि एम्स रायपुर में छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों से आने वाले मरीजों के परिजनों के लिए एक सर्व-सुविधायुक्त 'परिजन निवास' बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अपनी पुरानी यादें साझा करते हुए कहा कि सांसद के रूप में दिल्ली में उनके आवास को 'मिनी एम्स' कहा जाता था, क्योंकि वहां वे मरीजों के परिजनों के रुकने की व्यवस्था करते थे। इस घोषणा से दूर-दराज से आने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

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नया रायपुर में बनेगा पांच हजार बिस्तरों वाला मेडि-सिटी

मुख्यमंत्री साय ने राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि राज्य गठन के समय छत्तीसगढ़ में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, जबकि आज यह संख्या 15 हो चुकी है। बीते 20 महीनों में पांच नए मेडिकल कॉलेजों को स्वीकृति मिली है और नवा रायपुर में 5,000 बिस्तरों की क्षमता वाली 'मेडि-सिटी' का निर्माण भी किया जा रहा है।