
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर : सड़क निर्माण कार्यों से जुड़े ठेकेदारों को राज्य सरकार ने राहत दी है। राज्य कैबिनेट ने डामर (बिटुमिन) की कीमतों में भारी वृद्धि से परेशान ठेकेदारों को बढ़े मूल्य की क्षतिपूर्ति दिए जाने का निर्णय लिया है। छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अंतर्गत सड़क निर्माण एवं संधारण कार्यों के ठेकेदारों को राज्य शासन द्वारा लगभग 130.88 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति दी जाएगी।
इसके अतिरिक्त 70 से 100 करोड़ रुपये तक का व्यय भी संभावित है। बता दें कि देश में डामर की कीमत 40-46 हजार रुपये प्रति टन से बढ़कर 80-95 हजार रुपये प्रति मीट्रिक टन तक पहुंच गई है। जिसके बाद से ही ठेकेदार निविदा की दरों को संशोधित करने की मांग कर रहे थे। सरकार के इस निर्णय से लागत वृद्धि के कारण प्रभावित सड़क निर्माण कार्यों को गति मिलने और अधूरे कार्यों को पूरा करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में संशोधन किया गया है। राज्य के विशाल कोयला भंडार के बेहतर उपयोग और आयात को कम करने के लिए 1,000 करोड़ रुपये या उससे अधिक निवेश वाली कोल गैसीफिक्शन परियोजनाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज का प्रविधान किया गया है।
खिलाड़ियों के विकास और प्रतिभाओं को तराशने के लिए "मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन" के प्रारूप को स्वीकृति दी गई है। वर्ष 2026-27 के लिए इसके तहत 100 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इसके माध्यम से टैलेंट हंट, फीडर सेंटर, खेल अकादमियों और उच्च प्रदर्शन केंद्रों के माध्यम से खिलाड़ियों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार किया जाएगा।
राजनांदगांव जिले के सोमनी में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के माध्यम से लगभग 400 करोड़ की लागत से मल्टी फ्रूट प्रोसेसिंग फैसिलिटी स्थापित की जाएगी। इससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और 6,000 से अधिक रोजगार के अवसर बनेंगे। राजनांदगांव के खपरीकला में केंद्रीय भंडारण निगम के लिए 10 एकड़ जमीन आबंटित की गई है।
रि-डेवलपमेंट योजना के दूसरे चरण में दुर्ग, रामानुजगंज, जशपुर, सक्ती और धमतरी की जर्जर शासकीय भूमि एवं परिसंपत्तियों का पीपीपी माडल पर सुनियोजित विकास किया जाएगा, जिससे शासन पर बोझ डाले बिना नई परिसंपत्तियां और रोजगार सृजित होंगे।
जनहित में विशुद्ध रूप से राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े नौ प्रकरणों को न्यायालय से वापस लेने की प्रक्रिया को स्वीकृति दी गई है।
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सुशासन एवं अभिसरण विभाग में तीन नए पदों के सृजन, नवा रायपुर में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी के अस्थायी पद, और चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर के स्व. डा. राकेश मोहन चंदोला की सेवा को परिवार पेंशन के लिए नियमित मानने का निर्णय लिया गया है। साथ ही, छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015 में संशोधन कर "ईज आफ डूइंग बिजनेस" को बढ़ावा दिया गया है।
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