
राज्य ब्यूरो,नईदुनिया,रायपुर। शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के खिलाफ रायपुर की विशेष अदालत में पूरक अभियोजन शिकायत दाखिल की है। इससे पहले रायपुर स्थित उनकी दो अचल संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश जारी किया गया।
इन संपत्तियों का मूल्य 9.06 करोड़ रुपये है। वहीं जांच एजेंसी का दावा है कि राजीव भवन तक 860-880 करोड़ रुपये पहुंचाए गए थे। अग्रवाल को ईडी ने नौ अक्टूबर को कस्टम मिलिंग घोटाले में गिरफ्तार कर मंगलवार तक रिमांड पर लिया हैं।
आरोप है कि, राइस मिलर्स से प्रोत्साहन राशि जारी करने के बदले दिसंबर 2022 से जुलाई 2023 के बीच 147 करोड़ रुपये की अवैध वसूली की गई है।
ईडी ने जांच में पाया कि वर्ष 2019 से 2023 के बीच शराब सिंडिकेट ने आबकारी विभाग और छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड (सीएसएमसीएल) को नियंत्रित कर कथित तौर पर 2,883 करोड़ रुपये से अधिक की अपराध की कमाई अर्जित की।
इसमें देशी शराब की आपूर्ति पर अवैध कमीशन, नकली होलोग्राम के जरिए सरकारी दुकानों से बेहिसाब शराब की बिक्री, डिस्टिलर से कमीशन और विदेशी शराब के लिए एफएल-10ए लाइसेंस व्यवस्था शामिल थी।
राजीव भवन तक पहुंची 880 करोड़ की नकदी
ईडी के अनुसार, शराब घोटाले की कथित कमाई का बड़ा हिस्सा लक्ष्मी नारायण बंसल उर्फ पप्पू बंसल संभालता था।
आरोप है कि रामगोपाल अग्रवाल के निर्देश पर नकदी कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन पहुंचाई जाती थी, जहां लेखापाल देवेंद्र डडसेना इसे प्राप्त करता था। इस माध्यम से 860 से 880 करोड़ रुपये पहुंचे, जिनमें करीब 72 करोड़ रुपये अग्रवाल के नियंत्रण में रहे। मामले की जांच जारी है।