CG में सड़क हादसों पर ‘जीरो फेटेलिटी’ मिशन, CM साय ने दिए सख्त निर्देश; 23 ब्लैक स्पॉट सुधारेंगे, फास्ट इलाज पर भी जोर
छत्तीसगढ़ में सड़क हादसों पर लगाम लगाने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जीरो फेटेलिटी लक्ष्य के लिए विभागों को मिशन मोड में कार्ययोजना बनाने के निर्देश ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 30 Sep 2026 09:27:23 AM (IST)Updated Date: Wed, 30 Sep 2026 09:27:23 AM (IST)
CG में सड़क हादसों पर ‘जीरो फेटेलिटी’ मिशन। (एआई जनरेटेड)HighLights
- मुख्यमंत्री ने सड़क हादसों में मौतें न्यूनतम करने निर्देश दिए।
- परिवहन, पुलिस, स्वास्थ्य, पीडब्ल्यूडी और निकाय मिलकर कार्ययोजना बनाएंगे।
- राज्य के 23 ब्लैक स्पाट में सुधार प्रक्रिया जारी।
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर: राज्य सरकार ने बढ़ते सड़क हादसों पर चिंता जताई है। मंगलवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में परिवहन विभाग के कामकाज की उच्चस्तरीय समीक्षा की। उन्होंने सड़क हादसों में मौतों का आंकड़ा जीरो करने या न्यूनतम करने के लिए मिशन मोड पर काम करने को कहा।
सीएम ने ‘जीरो फेटेलिटी’ यानी सड़क हादसे में जीरो मौत के लक्ष्य के लिए परिवहन, पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण और नगरीय निकाय विभाग को मिलकर कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। साय ने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल दुर्घटनाओं की संख्या कम करना नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली प्रत्येक संभावित जनहानि को रोकना होना चाहिए। इसके लिए दुर्घटना से पहले रोकथाम और दुर्घटना के बाद त्वरित सहायता एवं उपचार, दोनों स्तरों पर व्यवस्था मजबूत करनी होगी।
दुर्गम क्षेत्रों में मुख्यमंत्री बस सेवा का विस्तार
- मुख्यमंत्री ने कहा कि कोंटा-जगरगुंडा जैसे दुर्गम क्षेत्र में मुख्यमंत्री बस सेवा से करीब छह घंटे का सफर अब लगभग 45 मिनट में हो रहा है। ऐसे अन्य क्षेत्रों में भी विस्तार किया जाए। बैठक में बताया गया कि वर्तमान में राज्य के 23 ब्लैक स्पाट में सुधार की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।
- मुख्यमंत्री ने इन्हें तत्काल सुधारने के लिए कहा। बैठक में परिवहन मंत्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, परिवहन विभाग के सचिव एस. प्रकाश समेत अन्य मौजूद रहे।
इस तरह बढ़ रहे सड़क हादसे
- सरकारी आंकड़ों के अनुसार, साल 2024 में छत्तीसगढ़ में कुल 14,857 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई थी। जो कि साल 2025 में बढ़कर 15,318 हो गई। यानी एक साल में 461 हादसों की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हादसों के साथ घायलों की संख्या में भी इजाफा हुआ है।
- 2024 में 12,484 और 2025 में 13,135 घायल हुए हैं। केंद्र सरकार ने 2020 में ही वर्ष 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मौतों की संख्या आधी करने का लक्ष्य रखा है। इसी के मद्देनजर राज्य सरकार ने भी लक्ष्य रखा है।
पीएम-राहत योजना में कैशलेस उपचार: सीएम
सीएम ने कहा कि पीएम-राहत योजना के अंतर्गत पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ितों को दुर्घटना की तारीख से अधिकतम सात दिनों तक 1.50 लाख रुपये तक कैशलेस उपचार की सुविधा का प्रविधान है। वहीं राहवीर योजना सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की समय पर सहायता करने वाले नागरिकों की भागीदारी को प्रोत्साहित करती है।
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मुख्यमंत्री से दिए ये निर्देश
- दुर्घटना की रोकथाम से लेकर घायल को समय पर उपचार तक मजबूत हो पूरी व्यवस्था।
- मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का विस्तार कर दूरस्थ अंचलों को प्राथमिकता से जोड़ें।
- पीएम-राहत और राहवीर योजना का व्यापक प्रचार कर दुर्घटना पीड़ितों की मदद करें।
- एचएसआरपी, वाहन फिटनेस, आटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन और ई-ट्रैक व्यवस्था को प्रभावी करें।
- पर्यटन स्थलों तक बेहतर कनेक्टिविटी से पर्यटन के साथ स्थानीय रोजगार को बढ़ावा दें
- आम नागरिक सड़क दुर्घटना देखकर घबराएं नहीं, बल्कि पीड़ित की मदद करें।
- वाहनों की फिटनेस जांच व्यवस्था को बेहतर और प्रभावी बनाया जाए।
- एचएसआरपी अभियान में तेजी और लंबित चालानों की रिकवरी के निर्देश।
- कम्प्यूटराइज्ड ड्राइविंग टेस्ट से बढ़ेगी पारदर्शिता, योग्य चालकों को ही मिले लाइसेंस।
- इलेक्ट्रिक वाहनों और पर्यावरण अनुकूल परिवहन को मिले प्रोत्साहन
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