
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। आयुष्मान भारत योजना में गड़बड़ी की शिकायतों पर 14 अस्पतालों के दस्तावेजों की जांच पूरी हो गई है। जांच में गलत पैकेज, मरीजों से निर्धारित राशि से अधिक वसूली और अन्य अनियमितताओं से जुड़ी शिकायतें सामने आई हैं।
इन शिकायतों के आधार पर संबंधित अस्पतालों पर कार्रवाई की तैयारी है। मामले में डि-इम्पैनलमेंट और जुर्माना लगाने जैसे कदम उठाए जा सकते हैं। राज्य नोडल एजेंसी की टीम ने घोटाले की शिकायतों के बाद 17 अस्पतालों को जांच के दायरे में लिया था। इनमें से 14 अस्पतालों के दस्तावेजों की जांच पूरी की जा चुकी है।
अलग-अलग जिलों के अस्पताल शामिल
प्रदेश के अलग-अलग जिलों में स्थित इन अस्पतालों में रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, सरगुजा, बस्तर, कबीरधाम, कोंडागांव और कोरबा के अस्पताल शामिल हैं। मरीजों से अतिरिक्त राशि वसूली की शिकायत आयुष्मान भारत योजना के तहत राशन कार्ड के आधार पर बनाए जाने वाले आयुष्मान कार्ड में बीमारियों के उपचार के लिए निर्धारित पैकेज के अनुसार भुगतान किया जाता है।
योजना का उद्देश्य पात्र मरीजों को निशुल्क इलाज उपलब्ध कराना है। इसके बावजूद कुछ अस्पतालों के खिलाफ गलत पैकेज के इस्तेमाल और मरीजों से अतिरिक्त राशि लेने की शिकायतें मिली थीं। शिकायतों के आधार पर जांच शुरू की गई।
दो अस्पतालों को निलंबित करने की अनुशंसा
स्वास्थ्य विभाग की जांच में गड़बड़ी और मरीजों को गलत तरीके से उपचार संबंधी पैकेज के तहत लाभ दिए जाने की शिकायतों के आधार पर दो अस्पतालों को योजना से बाहर करने की अनुशंसा की गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलास्तर पर जांच टीम ने संबंधित अस्पतालों के चिकित्सकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और अस्पतालों को योजना से निलंबित करने की अनुशंसा भी की थी।
हालांकि, योजना से निलंबन के बाद भी मामले में किसी तरह की कार्रवाई नहीं हुई है। अब 14 अस्पतालों की जांच पूरी होने के बाद संबंधित अस्पतालों पर कार्रवाई को लेकर नजर रहेगी।
आयुष्मान के पैकेज और भुगतान को लेकर अस्पतालों में नाराजगी एक तरफ आयुष्मान से इलाज के नाम पर लगातार निजी अस्पतालों की गड़बड़ी सामने आती है, वहीं दूसरी ओर लंबे समय से आयुष्मान के पैकेज को लेकर भी निजी अस्पताल और कई संस्थाएं शिकायत कर रही हैं।
उनका कहना है कि इलाज के बाद कई दिनों तक अस्पतालों का भुगतान नहीं होता। इसके साथ ही आयुष्मान में इलाज का पैकेज भी कई सालों से रिवाइज्ड नहीं किया गया है।
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