
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। नया रायपुर स्थित मंत्रालय और सरकारी कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए सिटी बस से आवागमन की सुविधा जल्द खत्म हो जाएगी। रायपुर नगर निगम ट्रांसपोर्ट लिमिटेड और नया रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के बीच बस संचालन के लिए हुआ वैकल्पिक समझौता 31 अक्टूबर को समाप्त हो रहा है।
इसके बाद बस सेवा जारी रखना संभव नहीं होने की जानकारी मिलने पर पंजीयन विभाग ने अपने अधिकारियों और कर्मचारियों को आने-जाने की व्यवस्था खुद करने के निर्देश दिए हैं।
बसों का संचालन बंद होने से कर्मचारियों में नाराजगी है। उनका कहना है कि बस सेवा बंद करने से पहले कोई दूसरी वैकल्पिक व्यवस्था शासन को करना चाहिए, लेकिन अब तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है।
पत्र में क्या...
महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक कार्यालय की ओर से जारी पत्र में कर्मचारियों को इस संबंध में सूचित किया गया है। पत्र के अनुसार, रायपुर नगर निगम ट्रांसपोर्ट लिमिटेड का अनुबंध 19 दिसंबर 2022 को समाप्त हो गया था।
इसके बाद कर्मचारियों के आवागमन की सुविधा बनाए रखने के लिए नया रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के साथ एकल फेरे में बस संचालन को लेकर समझौता किया गया था। इसकी अवधि भी अब 31 अक्टूबर 2026 को पूरी हो रही है।
3500 कर्मचारी करते हैं सफर
निगम ने 98 बसों के संचालन का टेंडर किया था। इनमें से 83 ही चल रही हैं। इनमें से 66 नया रायपुर के लिए चलती हैं। रायपुर से नवा रायपुर स्थित मंत्रालय और अन्य सरकारी कार्यालयों तक रोज करीब 3500 कर्मचारी इन बसों से सफर करते हैं।
इनमें कई कर्मचारी रायपुर शहर से रोजाना आवागमन करते हैं। अब विभाग ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से कार्यालय आने-जाने के लिए अपने स्तर पर व्यवस्था सुनिश्चित करने कहा है। सिटी बस सेवा बंद होने पर उन्हें वैकल्पिक साधन तलाशने होंगे। इससे आने-जाने का खर्च बढ़ने के साथ समय पर कार्यालय पहुंचने की चुनौती भी हो सकती है।
2012 में हुई थी बसों की खरीदारी
राज्य शासन के पैसे से रायपुर नगर निगम ट्रासपोर्ट लिमिटेड ने शहर में चलाने के लिए 100 बसों की खरीदी की थी। इसका 2012 में 10 साल के लिए यानि 2022 तक टेंडर किया था। इसके बाद शासन के आदेश पर इन बसों को नया रायपुर में मंत्रालय के कर्मचारियों के आने जाने के लिए शुरु किया गया। इसका संचालन दुर्गम्बा ट्रांजिट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी कर रही थी।
हर साल करीब 12 करोड़ से ज्याादा का भुगतान
निगम एक कर्मचारी के परिवहन के लिए ठेका कंपनी को 3066 रुपये प्रतिमाह देता है। करीब 3500 कर्मचारियों के हिसाब से निगम का मासिक भुगतान 1 करोड़ 7 लाख 31 हजार रुपये है। सालभर में यह राशि करीब 12 करोड़ 87 लाख 72 हजार रुपये पहुंचती है। यानी करीब 12.88 करोड़ रुपये का भुगतान होने के बावजूद कर्मचारी जर्जर बसों में सफर कर रहे थे।
बसों का अनुबंध 31 अक्टूबर को खत्म हो रहा है। बसें पूरी तरह कंडम हो चुकी हैं। संचालन बंद करने के लिए एनआरडीए को पत्र लिखा गया है। संबित मिश्रा, आयुक्त, नगर निगम