दिल्ली प्रदर्शन में शामिल प्रदेश कांग्रेस नेताओं पर CM साय का निशाना, बोले- राज्योत्सव पर कांग्रेस की रैली दुर्भाग्यपूर्ण
छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के दिन कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली में 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली की। सीएम साय और अरुण साव ने इसे विपक्ष की हताशा और एक परिवार का उत्सव बताया।
Publish Date: Mon, 02 Nov 2026 08:07:19 AM (IST)Updated Date: Mon, 02 Nov 2026 08:07:19 AM (IST)
दिल्ली प्रदर्शन में शामिल प्रदेश कांग्रेस नेताओं पर CM साय का निशाना। (फाइल फोटो)HighLights
- राज्योत्सव छोड़ दिल्ली में कांग्रेस का प्रदर्शन।
- रामलीला मैदान में 'वोट बचाओ' रैली आयोजित।
- सीएम साय ने ईवीएम विरोध को बताया दुर्भाग्यपूर्ण।
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। राज्योत्सव के अवसर पर छत्तीसगढ़ में जश्न के बीच रविवार को प्रदेश कांग्रेस के नेता दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत आयोजित प्रदर्शन में शामिल हुए। कांग्रेस ने रैली को ऐतिहासिक बताया, जबकि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य स्थापना दिवस पर प्रदेश से दूर रहकर संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने को दुर्भाग्यपूर्ण कहा।
जनता का विश्वास जीतें, संस्थाओं पर सवाल न उठाएं: साय
- साय ने कहा कि जनता का विश्वास जीतने के बजाय एसआइआर, ईवीएम और चुनाव आयोग पर सवाल उठाना कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की हताशा दर्शाता है। चुनाव हंगामे और आरोप-प्रत्यारोप से नहीं, जनता का दिल जीतकर जीते जाते हैं। लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है और उसका निर्णय अंतिम होता है।
यदि जनता किसी दल को समर्थन नहीं दे रही, तो उसे चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने के बजाय लोगों की अपेक्षाएं समझकर उनका विश्वास जीतना चाहिए। जनता के सुख-दुख में सहभागी बनकर विकास और कल्याण के लिए काम करना जरूरी है; जनविश्वास का कोई विकल्प नहीं है। दिल्ली की रैली में शामिल हुए प्रदेश के शीर्ष नेता
दिल्ली की रैली में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डा. चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव, पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू सहित कांग्रेस के 35 विधायक और नेता शामिल हुए।
ये एक परिवार का उत्सव: अरुण साव
- उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि कांग्रेस को छत्तीसगढ़ के राज्योत्सव से कोई लेना-देना नहीं है और उसे केवल एक परिवार के उत्सव से मतलब है। उनका आरोप था कि राज्य स्थापना दिवस पर प्रदेश की जनता उत्सव मना रही है, जबकि कांग्रेस दिल्ली में एक परिवार को बचाने के लिए रैली कर रही है।
साव ने कहा कि कांग्रेस के लिए गांधी परिवार ही सर्वोपरि है, देश और प्रदेश नहीं। भाजपा के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पाण्डेय ने कहा कि जनता द्वारा बार-बार नकारी गई कांग्रेस राजनीतिक विदाई की आशंका से बौखलाकर निर्वाचन आयोग और संवैधानिक संस्थाओं पर मनगढ़ंत आरोप लगा रही है। भविष्य को बचाने का जनसैलाब: महंत
- नेता प्रतिपक्ष डा. चरण दास महंत ने रामलीला मैदान की रैली को लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा का ऐतिहासिक आयोजन बताया और इसकी सफलता पर राहुल गांधी को बधाई दी।
- उन्होंने कहा कि देशभर से आए नागरिकों, युवाओं, किसानों और कामगारों ने ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ और ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ के नारे लगाकर मताधिकार तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा का संकल्प जताया।
- उनके अनुसार, यह जनसैलाब संविधान और देश के भविष्य को बचाने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। महंत ने दावा किया कि केंद्र सरकार के खिलाफ आक्रोश बढ़ रहा है और उसकी उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है।
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लोकतंत्र को बंधक बनाने की साजिश का आरोप
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि लोकतंत्र का जनआक्रोश रुकेगा नहीं, बल्कि देश के कोने-कोने तक पहुंचेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि देश और छत्तीसगढ़ में लोकतंत्र को सोची-समझी साजिश के तहत बंधक बनाया जा रहा है। उनके मुताबिक, दिल्ली से उठा शंखनाद भाजपा के रवैये और वोट चोरी के कथित षड्यंत्र के खिलाफ जनता के संकल्प का संकेत है।
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