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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 30, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

CGMSC Reagent Scam मामले में ED की कार्रवाई, मोक्षित कॉर्पोरेशन से जुड़े प्रमुख लोगों के कई ठिकानों पर छापा

छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कार्पोरेशन लिमिटेड में हुए 411 करोड़ के घोटाले के मामले में ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी की टीम ने मोक्षित कॉर्पोरेशन के ...और पढ़ें

By Roman TiwariEdited By: Roman Tiwari
Publish Date: Wed, 30 Jul 2025 03:53:06 PM (IST)Updated Date: Wed, 30 Jul 2025 04:11:36 PM (IST)
CGMSC Reagent Scam मामले में ED की कार्रवाई, मोक्षित कॉर्पोरेशन से जुड़े प्रमुख लोगों के कई ठिकानों पर छापा
मोक्षित कॉर्पोरेशन के अधिकारियों के घर ईडी की रेड

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर: छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार और घोटालों के मामले में ईडी की ओर से लगातार कार्रवाई जारी है। प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने बुधवार को एक और बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने मोक्षित कॉर्पोरेशन से जुड़े कई लोगों के ठिकानों पर छापा मारा है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कार्पोरेशन लिमिटेड में हुए 411 करोड़ के घोटाले से जुड़ी हुई है।

जानकारी के अनुसार, ईडी की टीम ने कंपनी के तकनीकी महाप्रबंधक कमलकांत पाटनवार के रायपुर स्थित भाटागांव वाले निवास स्थान पर छापा मारा है। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कार्पोरेशन लिमिटेड में हुए इस घोटाले की कार्रवाई को लेकर दवा और स्वास्थ्य उपकरणों की आपूर्तिकर्ता कारोबारियों हड़कंप मचा हुआ है।


बता दें कि इस घोटाले में पांच अधिकारियों, वसंत कौशिक (महाप्रबंधक), डॉ. अनिल परसाई (डिप्टी डायरेक्टर, हेल्थ डिपार्टमेंट), शिरौंद्र रावटिया, कमलकांत पाटनवार और दीपक बांधे के नाम सामने आए । इन्हें पहले सात दिन की ईओडब्ल्यू रिमांड पर भेजा गया था।

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बता दें कि यह पूरी कार्रवाई 2023 में हुए छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कार्पोरेशन लिमिटेड के जरिए कई गुना महंगी कीमतों पर दवाओं और अन्य मेडिकल उपकरणों के खरीदी में हुए भ्रष्टाचार से जुड़ा हुआ है। इस मामलें में मुख्य रूप से मोक्षित कॉर्पोरेशन की संलिप्तता पायी गई थी। जिसके बाद मामले में आरोपी लोगों को गिरफ्तारी भी हुई थी।

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आरोपियों ने मामले में दवा खरीदी का अनुबंध तय होने के बाद डीएचएस और सीजीएमएससी के अधिकारियों के साथ मिलकर लगभग 500 करोड़ रुपये की खरीददारी में हेरफेर किया था। इस मामले में अब एक बार फिर कार्रवाई तेज हो गई है।