• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • रायपुर

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 15, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

साइकिल से मर्सिडीज तक, पत्रकार के हत्यारे सुरेश ने भ्रष्टाचार से खड़ा किया करोड़ों का साम्राज्य

डेढ़ दशक पहले छोटे-से गांव बासागुड़ा में रहने वाले सुरेश के पास खुद की साइकिल तक नहीं थी। मगर, भ्रष्टाचार कर उसने इतना पैसा कमाया कि वह मर्सिडीज, बीएम...और पढ़ें

By Shashank Shekhar BajpaiEdited By: Shashank Shekhar Bajpai
Publish Date: Wed, 15 Jan 2025 03:31:55 PM (IST)Updated Date: Wed, 15 Jan 2025 08:10:24 PM (IST)
साइकिल से मर्सिडीज तक, पत्रकार के हत्यारे सुरेश ने भ्रष्टाचार से खड़ा किया करोड़ों का साम्राज्य
एक कार्यक्रम में बीजापुर एसपी जितेंद्र यादव व बीजापुर के पूर्व कलेक्टर अनुराग पांडेय के साथ मंच साझा करता सुरेश चंद्राकर।

HighLights

  1. सरकारी ठेके लेकर काम करता था आरोपी सुरेश चंद्राकर।
  2. नक्सलियों के साथ मिलीभगत करके उसने करोड़ों कमाए।
  3. पत्रकार मुकेश चंद्राकर के भाई ने की है सुरक्षा की मांग।

अनिमेष पाल, ‌जगदलपुर। बीजापुर के टीवी पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता ठेकेदार सुरेश चंद्राकर का सफर फिल्मी कहानी जैसा लगता है। नौवीं पास सुरेश वर्ष 2008 में 1500 रुपये वेतन पर पुलिस में स्पेशल पुलिस आफिसर (एसपीओ) के रूप में भर्ती हुआ था।

बाद में वह पुलिस अधीक्षक के घर पर रसोइया बन गया। धीरे-धीरे ठेकेदारी शुरू की और देखते ही देखते साइकिल से चलने वाला सुरेश भ्रष्टाचार के सहारे 92 लाख रुपये की मर्सिडीज तक जा पहुंचा। आज उसने करोड़ों का साम्राज्य खड़ा कर लिया है।


डेढ़ दशक पहले छोटे-से गांव बासागुड़ा में रहने वाले सुरेश के पास खुद की साइकिल तक नहीं थी। मगर, भ्रष्टाचार कर उसने इतना पैसा कमाया कि वह मर्सिडीज, बीएमडब्ल्यू, जैसी गाड़ियों में चलने लगा। पैसे के साथ शासन और प्रशासन में उसकी अच्छी पकड़ भी बनी।

यह भी पढ़ें- आउटर में भी ट्रैफिक रूल्स करने पड़ेंगे फॉलो, हेलमेट नहीं पहनने वालों पर होगी सख्ती

पैसे और पावर के मिलने से बन गया घमंडी

पैसा और पावर के मेल से घमंड भी आया। इसी घमंड में चूर सुरेश के अहंकार को तब ठेस लगी, जब पत्रकार मुकेश चंद्राकर ने उसके भ्रष्टाचार को उजागर कर दिया। उसे भरोसा था कि पैसे के दम पर वह कुछ भी कर लेगा और कोई उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकेगा।

इस बार उसने मुकेश की हत्या का षड़यंत्र रच डाला। भाइयों ने मिलकर अपने ही बाड़े में उसकी हत्या की और शव सेप्टिक टैंक में डालकर चुनवा दिया। इस वारदात के सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय ने दिवंगत पत्रकार मुकेश चंद्राकर के परिजन को 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की है।

naidunia_image

यह भी पढ़ें- भाजपा-कांग्रेस में चिटफंड पर पोस्टर वार, सोशल मीडिया बना हथियार

पुरानी गाड़ियां जालकर किया खेल

पुलिस विभाग में फेंसिंग कार्य का ठेका लेने के बाद साल 2012 में सुरेश ने ठेकेदारी का लाइसेंस हासिल कर लिया। नक्सल क्षेत्र का फायदा उठाकर उसने नक्सलियों के गठजोड़ से सड़कें बनानी शुरू कीं। जब चाहे अपनी सड़ चुकी गाड़ियां जलाकर यह दिखाता था कि नक्सल क्षेत्र में सड़क बनाना आसान नहीं है।

ऐसा दिखाकर एक ही सड़क की दर कई गुना तक बढ़ाई गई। उसने जितने भी काम किए, उसमें यही रणनीति अपनाई। नेलसनार-गंगालूर सड़क निर्माण के भ्रष्टाचार को उजागर करने के कारण ही पत्रकार मुकेश की हत्या हुई थी। 52 किमी की सड़क का बजट 56 करोड़ था, जो बाद में 188 करोड़ तक पहुंच गया था।

यह भी पढ़ें- भाभी को भगा लाया था देवर, 6 महीने से दोनों लिव इन में थे... फिर अचानक खून से लथपथ लाश मिली

naidunia_image

पत्रकार के भाई ने मांगी सुरक्षा

वारदात के बाद मुकेश के भाई युकेश चंद्राकर ने पुलिस से सुरक्षा मांगी है। युकेश ने एक्स पर लिखा- मुझे प्रोटेक्शन की जरूरत महसूस हो रही है। मुझे जीने का शौक नहीं है, लेकिन अब लड़ना है मुझे। लड़ने के लिए जिंदा रहना जरूरी है। मेरे और मेरे परिवार के लिए सुरक्षा मांग रहा हूं। कृपया सुरक्षा मुहैया करवाई जाए।