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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 11, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अवैध उत्खनन: चुनाव के बाद रायपुर में बदल गए जनप्रतिनिधि, फिर भी चल रहा रेत में माफिया राज

पंचायत चुनाव के दौरान उम्मीदवारों द्वारा घोषणा की गई थी कि अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मगर, ऐसा कुछ होता नहीं दिख रहा है। अवैध खनन ...और पढ़ें

By Shashank Shekhar BajpaiEdited By: Shashank Shekhar Bajpai
Publish Date: Tue, 11 Mar 2025 01:11:01 PM (IST)Updated Date: Tue, 11 Mar 2025 01:11:01 PM (IST)
अवैध उत्खनन: चुनाव के बाद रायपुर में बदल गए जनप्रतिनिधि, फिर भी चल रहा रेत में माफिया राज
पारागांव में चेन माउंटेन मशीन से रेत खनन करते हुए।

HighLights

  1. पंचायत चुनाव के बाद भी नहीं बदले हालात, मुनाफाखोरी जारी।
  2. महानदी में दिन-रात जारी है अवैध रेत खनन, कोई कार्रवाई नहीं।
  3. पर्यावरण को नुकसान के साथ यह लोगों के लिए भी है खतरनाक।

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। महानदी में दिन-रात अवैध रेत खनन जारी है, जो कि पंचायत चुनाव के दौरान उम्मीदवारों द्वारा की गई घोषणा के विपरीत है। चुनाव के बाद भी अवैध खनन 24 घंटे बदस्तूर जारी है, जिससे रेत माफिया करोड़ों की काली कमाई कर रहे हैं।

अवैध खनन और परिवहन पर कार्रवाई के लिए सरपंच, सचिव, खनिज, राजस्व, परिवहन, पर्यावरण विभाग को जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन कोई भी कार्रवाई नहीं कर रहा है। यह अवैध खनन न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि यह स्थानीय लोगों के लिए भी खतरनाक है।


यहां हो रही है मुनाफाखोरी

कुम्हारी, पारागांव, हरदीडीह, कुरुद, कागदेही और लखना में रेत पर मुनाफाखोरी की जा रही है। यहां एक हाइवा रेत की कीमत पांच से छह हजार रुपये ली जा रही है, जो निर्माण स्थल पर पहुंचकर 12 से 14 हजार तक हो जाती है।

जबकि सरकार ने एक घन मीटर की लोडिंग की कीमत 150 रुपये प्रति घन मीटर के हिसाब से 1,500 रुपये प्रति हाईवा तय की है। रेत की कीमत नौ से 10 हजार रुपये रेत माफियाओं द्वारा ली जा रही है।

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रॉयल्टी की कालाबाजारी

रेत खनन करने वालों द्वारा यदि एक हाईवा की रायल्टी मांगी जाती है, तो 700 रुपये की रायल्टी का 3,000 रुपये लिया जाता है। बता दें कि सिर्फ परिवहन पर कार्रवाई हो रही है ऐसे में कार्रवाई से बचने के लिए रायल्टी पर्ची खरीदना मजबूरी है। दूसरी ओर सरकारी निर्माण में एक-एक ट्रिप की रायल्टी लेनी पड़ती है।

13 ग्राम सचिव पर हुई थी कार्रवाई

बीते वर्षों में भाजपा सरकार ने आरंग के 13 ग्राम सचिव पर अवैध खनन और भंडारण में संलिप्तता को लेकर निलंबन की कार्रवाई की थी। इस मामले पर जिन-जिन पर कार्रवाई की जिम्मेदारी है सभी पर कार्रवाई का प्रविधान है।

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यह है खनिज नियम

खनिकर्म विभाग के मुताबिक, छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के नियम 71 खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम की धारा 21 छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन एवं भंडारण) नियम 2009 के तहत लोडिंग पर निविदा दर पर रायल्टी देना अनिवार्य है।

ऐसा नहीं करने पर प्रकरण दर्ज कर भंडारित खनिज रेत को जब्त कर अवैध भंडारणकर्ता को तीन कार्य दिवस के भीतर दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किया जाता। इसके बाद निविदा निरस्त की जाती है।

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सरपंच सचिव का हिस्सा तय

महानदी के किनारे में बसे हुए 12 से ज्यादा गावों मे अवैध रेत खनन किया जा रहा है। खनन कर भंडारण शासकीय भूमि में हैं। विरोध करने वाले ग्रामीणों का ट्रैक्टर किराए में लेकर रेत माफिया उनको भी चुप करा देते हैं।