
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया,रायपुर: विभिन्न कारणों से निष्क्रिय हो चुके बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए बिजली वितरण कंपनी ने नई 'समाधान योजना' लागू की है। इस योजना के तहत लंबे समय से लंबित बिजली बिलों का भुगतान आसान बनाया गया है, जिससे बकायादार उपभोक्ता अपनी संपत्ति में दोबारा नया बिजली कनेक्शन ले सकेंगे। कंपनी में ऐसे पौने तीन लाख से अधिक उपभोक्ता हैं, जिनके बिजली बिल लंबे समय से बकाया हैं।
वितरण कंपनी के एमडी भीम सिंह कंवर ने बताया कि प्रदेश में कुल 2 लाख 76 हजार निष्क्रिय उपभोक्ताओं से लगभग 175 करोड़ रुपये की वसूली लंबित है। बिल बकाया होने पर डीआरए (ड्यूज रिकवरी एक्ट) के तहत पहले नोटिस दिया जाता है, फिर कनेक्शन काटा जाता है और भुगतान नहीं होने पर मीटर भी निकाल लिया जाता है।
ऐसे मामलों में संबंधित संपत्ति पर तब तक नया कनेक्शन नहीं दिया जाता, जब तक पुराना बकाया चुकाया न जाए।कई प्रकरणों में उपभोक्ता का निधन हो चुका है या संपत्ति बिक चुकी है, जिससे बकाया वसूली जटिल हो गई है। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए समाधान योजना लागू की गई है। इसके तहत नवीन मीटर रीडर योजना में कार्यरत अधिकृत मीटर रीडर निष्क्रिय उपभोक्ताओं से संपर्क कर बकाया राशि जमा कराने में सहयोग करेंगे।
बकाया राशि जमा कराने पर मीटर रीडरों को वसूली गई रकम का 10 से 15 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। वितरण केंद्रों द्वारा निष्क्रिय बकायादारों की प्रमाणिक सूची मीटर रीडरों को उपलब्ध कराई जाएगी। नियमित मीटर रीडिंग के बाद 15 तारीख से वे बकाया वसूली का कार्य करेंगे। यदि उपभोक्ताओं को बिल में किसी प्रकार की त्रुटि होगी तो मीटर रीडर दस्तावेजी प्रमाण के साथ सुधार में सहयोग करेंगे।
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बकाया जमा होने पर सिस्टम जनरेटेड रिपोर्ट के आधार पर संबंधित कार्यपालन अभियंता द्वारा मीटर रीडरों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जाएगा। इस दौरान अधिकृत मीटर रीडर को विभागीय परिचय पत्र रखना अनिवार्य होगा।