रायपुर में 16 हजार छात्रों की अपार आइडी नहीं होने से भविष्य पर असर, स्कॉलरशिप और प्रवेश प्रक्रिया में होगी भारी दिक्कत
रायपुर जिले में शिक्षा विभाग के अल्टीमेटम के बावजूद 16 हजार से अधिक छात्रों की अपार आईडी पेंडिंग है। इनमें निजी स्कूलों की संख्या सर्वाधिक है। लक्ष्य पूरा करने अब स्कूलों में शिविर लगेंगे।
Publish Date: Tue, 27 Oct 2026 09:51:18 AM (IST)Updated Date: Tue, 27 Oct 2026 09:51:18 AM (IST)
रायपुर में छात्रों की अपार आइडी नहीं होने से भविष्य पर असर। (एआई जनरेटेड)HighLights
- रायपुर में 16 हजार छात्रों की अपार आईडी पेंडिंग।
- अल्टीमेटम के बावजूद निजी स्कूलों में काम काफी धीमा।
- 6 अक्टूबर को 54,180 आईडी बनाने के निर्देश थे।
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर: जिले के स्कूलों में विद्यार्थियों की अपार (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री) आइडी बनाने की प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो सकी है। करीब 20 दिन पहले शिक्षा विभाग ने संबंधित स्कूलों को तीन दिन के भीतर सभी विद्यार्थियों की अपार आइडी बनाने का अल्टीमेटम दिया था।
इसके बावजूद जिले में अब भी 16 हजार से अधिक विद्यार्थियों की अपार आइडी बनना बाकी है। इनमें सबसे ज्यादा संख्या निजी स्कूलों के विद्यार्थियों की बताई जा रही है। दरअसल जिला शिक्षा कार्यालय से छह अक्टूबर को 54,180 अपार आइडी बनाने का निर्देश जारी किया था।
स्थायी शैक्षणिक पहचान के रूप में काम करेगी
- इधर, शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार अपार आइडी प्रत्येक विद्यार्थी की स्थायी शैक्षणिक पहचान के रूप में काम करेगी। इसमें विद्यार्थी की पढ़ाई से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी डिजिटल रूप से दर्ज की जा सकेगी।
- स्कूल बदलने, उच्च कक्षाओं में प्रवेश लेने या आगे की पढ़ाई के दौरान विद्यार्थी के शैक्षणिक रिकार्ड को एक जगह सुरक्षित रखने में इससे मदद मिलेगी। इससे अंकसूची, प्रमाणपत्र, क्रेडिट और अन्य शैक्षणिक उपलब्धियों को डिजिटल रूप से जोड़ना और सत्यापित करना भी आसान होगा।
शिविर लगाकर बनाएंगे आइडी
समग्र शिक्षा के अधिकारी अरुण शर्मा ने बताया कि लंबित विद्यार्थियों की अपार आइडी बनाने के लिए स्कूल स्तर पर प्रक्रिया तेज की जा रही है। निर्धारित समय में लक्ष्य पूरा नहीं होने पर प्रशासन और शिक्षा विभाग की टीमें संबंधित स्कूलों में शिविर लगाएंगी। इन शिविरों के माध्यम से विद्यार्थियों और अभिभावकों की आवश्यक जानकारी का सत्यापन कर लंबित अपार आइडी बनाने की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी।
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निजी स्कूलों में अधिक लंबित
शिक्षा विभाग की समीक्षा में सामने आया है कि लंबित अपार आइडी में निजी स्कूलों के विद्यार्थियों की संख्या अधिक है। विभाग ने स्कूल संचालकों को प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि विद्यार्थियों की अपार आइडी तैयार होने के बाद उनके शैक्षणिक रिकार्ड को डिजिटल रूप से व्यवस्थित करने में सुविधा होगी।
अपार आइडी नहीं बनने पर भविष्य में हो सकता है नुकसान
- शिक्षा विभाग के जानकारों का कहना है कि यदि किसी विद्यार्थी की अपार आइडी नहीं बनती है, तो उसे भविष्य में कई तरह की शैक्षणिक और प्रशासनिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। अपार आइडी न होने से भविष्य में स्कूल बदलने (स्थानांतरण) या उच्च शिक्षा के लिए कॉलेजों में प्रवेश लेने की प्रक्रिया जटिल हो सकती है, क्योंकि शैक्षणिक रिकार्ड का डिजिटल सत्यापन नहीं हो पाएगा।
- इसके अलावा, राज्य और केंद्र सरकार द्वारा मिलने वाली छात्रवृत्ति (स्कॉलरशिप) और अन्य लाभकारी शैक्षणिक योजनाओं का सुगमता से लाभ लेने में भी बाधा उत्पन्न हो सकती है। भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं या रोजगार के समय डिग्रियों, अंकसूचियों और क्रेडिट स्कोर को प्रमाणित करने में भी विद्यार्थियों को बेवजह दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
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