
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर: अश्वनी नगर में मकान बेचने का सौदा कर छह लोगों पर 3.98 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगा है। आरोपितों ने 32 लाख रुपये में मकान का सौदा कर खरीदार से बयाना और अन्य मदों में रकम लेने के बाद रजिस्ट्री करने से मना कर दिया।
इकरारनामा के बाद सात नवंबर 2019 को एसबीआइ के चेक से 2.50 लाख और एक लाख रुपये नकद दिए गए। इसके बाद आठ फरवरी 2020 को 25 हजार रुपये नकद तथा 23 जून 2020 को मकान की ईएमआइ के रूप में 23 हजार रुपये जमा किए गए। इस तरह कुल 3.98 लाख रुपये दिए गए। खरीदार ने आधार फाइनेंस से मकान के लिए 23.63 लाख रुपये का होम लोन भी स्वीकृत कराया था।
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शिकायत के मुताबिक जून 2020 में पता चला कि मकान पहले से ही आइडीएफसी फर्स्ट लोन फाइनेंस कंपनी के पास बंधक है और उसकी कुर्की का आदेश भी जारी हो चुका है। इसके बाद आरोपितों ने रजिस्ट्री कराने से मना कर दिया और बयाना राशि वापस नहीं की। पहले पुलिस में शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर रहमुद्दीन ने न्यायालय में परिवाद दायर किया। 24 सितंबर 2026 को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी खिलेश्वरी सिन्हा ने एफआइआर दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की है।
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