
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। राजधानी के मरीन ड्राइव (तेलीबांधा) के सामने स्थित एप्पल स्टोर में हुई करीब 1.89 करोड़ रुपये की चोरी के मामले में 24 घंटे से ज्यादा समय बीतने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने के बाद चोरों तक पहुंचने का दावा कर रही है।
दुकान संचालक सुनील कुमार डागा ने पुलिस को बताया कि 31 अक्टूबर की रात करीब 10:30 बजे दुकान बंद कर शटर में ताला लगाकर घर चले गए थे। अगले दिन एक नवंबर की सुबह करीब 8:30 बजे स्टोर मैनेजर स्वप्निल सोनी ने फोन कर शटर मुड़ा हुआ होने की जानकारी दी। मैनेजर ने दुकान के अंदर जाकर देखा तो आलमारी और दराज खुले पड़े थे। मोबाइल का स्टाक गायब था। इसके बाद संचालक को सूचना दी गई और पुलिस को बुलाया गया। 173 आइफोन समेत लाखों रुपये के इलेक्ट्रानिक सामान चोरी हो चुके थे।
इस वारदात में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती दुकान का डीवीआर चोरी होना है। बदमाश अपने साथ डीवीआर भी ले गए हैं। ऐसे में दुकान के भीतर की गतिविधियों और चोरों की पहचान से जुड़े फुटेज पुलिस को सीधे उपलब्ध नहीं हो सकेंगे। पुलिस आसपास की दुकानों, प्रतिष्ठानों और सड़कों पर लगे कैमरों की रिकार्डिंग की जांच कर रही है। चोर किस रास्ते से पहुंचे और वारदात के बाद किस दिशा में निकले, इसकी जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है।
चोरों ने दुकान से अलग-अलग माडल के कुल 173 आईफोन चोरी किए हैं। इनमें सबसे ज्यादा 132 आइफोन-17 शामिल हैं। इसके अलावा आइफोन-17 प्रो के सात, आइफोन-17 प्रो मैक्स के 11, आइफोन एयर के चार, आइफोन-18 प्रो के 12, आइफोन-15 का एक और आइफोन-16 के छह मोबाइल चोरी हुए हैं। मोबाइल फोन की कीमत ही करीब एक करोड़ 85 लाख 12 हजार 718 रुपये बताई गई है। इसके अलावा तीन स्मार्ट वाच, 16 हेडफोन और एक डीवीआर भी चोरी हुआ है।
करीब दो करोड़ रुपये के सामान की चोरी ने राजधानी में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। चोरों ने रात के अंधेरे में शटर मोड़कर इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दिया और अपने साथ दुकान का डीवीआर भी ले गए। अब पुलिस के सामने चुनौती सिर्फ चोरी गए मोबाइल बरामद करने की नहीं, बल्कि चोरों के आने-जाने के रास्ते और वारदात में इस्तेमाल किए गए तरीके का पता लगाने की भी है।
यह भी पढ़ें- महादेव ऐप के सरगना सौरभ चंद्राकर को दो दिन की ट्रांजिट रिमांड, मंगल को रायपुर में पेश करेगी सीबीआई
इस मामले में पुलिस बाहरी गिरोह के हाथ होने की आशंका से जांच कर रही है। जिस शातिर तरीके से चोरों ने ताले बिना तोड़े शटर को बीच से मोड़कर घटना को अंजाम दिया और साक्ष्य छिपाने के लिए दुकान का डीवीआर भी साथ ले गए, उससे शहर के आउटर या अंतर-राज्यीय पेशेवर चोर गिरोह के शामिल होने का शक गहरा गया है। पुलिस रायपुर के अलावा आसपास के जिलों के पुराने अपराधियों के रिकार्ड खंगाल रही है।
यह भी पढ़ें- रायपुर, बिलासपुर समेत चार शहरों में 100 ई-बसें, स्टीयरिंग थामेंगी महिलाएं, मुफ्त मिलेगी ट्रेनिंग