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रायपुर में त्योहार से पहले गहराया पेयजल संकट, गुढ़ियारी और भनपुरी समेत कई इलाकों में नलों से निकला मटमैला पानी

रायपुर के कई इलाकों में नलों से मटमैला पानी आने से लोग परेशान हैं। नदी का जलस्तर बढ़ने, अपर्याप्त केमिकल ट्रीटमेंट और पाइपलाइन लीकेज के कारण दूषित जलापूर्ति हुई है।

By Digital DeskEdited By: Anurag Mishra
Publish Date: Tue, 03 Nov 2026 10:19:05 AM (IST)Updated Date: Tue, 03 Nov 2026 10:19:05 AM (IST)
रायपुर में त्योहार से पहले गहराया पेयजल संकट, गुढ़ियारी और भनपुरी समेत कई इलाकों में नलों से निकला मटमैला पानी
रायपुर में त्योहार से पहले गहराया पेयजल संकट। (नईदुनिया)

HighLights

  1. रायपुर के गुढ़ियारी, भनपुरी सहित कई इलाकों में मटमैला पानी।
  2. त्योहार के समय दूषित जलापूर्ति से बढ़ी लोगों की मुश्किलें।
  3. नदी जलस्तर बढ़ने और अपर्याप्त शोधन से बदला पानी रंग।

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर : राजधानी में सोमवार को कई इलाकों में नगर निगम के नलों से मटमैला और गंदा पानी पहुंचा। गुढ़ियारी, भनपुरी, खमतराई, सड्डू, सुंदर नगर, कुशालपुर और पुरानी बस्ती समेत कई क्षेत्रों में घरों तक पहुंचे पानी का रंग देखकर लोग परेशान हो गए। कई घरों में पानी इतना गंदा था कि न तो उसे पीने में इस्तेमाल किया जा सका और न ही घरेलू कामों में। त्योहार के समय घरों में साफ-सफाई और अन्य तैयारियां चल रही हैं। ऐसे में पानी की आपूर्ति प्रभावित होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई। लोगों को पीने और खाना बनाने के लिए अलग से पानी का इंतजाम करना पड़ा।

जानकारी के अनुसार शहर में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत नई अमृत लाइन बिछाने का काम चल रहा है। इसके चलते कुछ क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने और नलों से मटमैला पानी आने की सूचना है। हालांकि किन इलाकों में किस वजह से पानी दूषित हुआ, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लोगों ने निगम से पाइपलाइन और पानी की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है।


पाइपलाइन में लीकेज से दूषित पानी पहुंचने का खतरा

पेयजल पाइपलाइन पुरानी होने, जोड़ कमजोर पड़ने या लीकेज होने पर आसपास की गंदगी और नाली का पानी पाइप में प्रवेश कर सकता है। शहर के अधिकतर इलाकों की पाइपलाइन नालियों के पास से होकर गुजरी है। इसमें लीकेज होने पर दूषित पानी घरों तक पहुंचने का खतरा रहता है। पानी का दबाव कम होने पर भी बाहरी गंदगी पाइप में खिंच सकती है।

सुबह की आपूर्ति में आया गंदा पानी

भनपुरी की पुरानी बस्ती निवासी संध्या ने बताया कि उनके यहां सुबह छह से साढ़े छह बजे के बीच सरकारी नल से पानी आता है। इसी पानी का इस्तेमाल पीने, नहाने और दूसरे घरेलू कामों में करते हैं। सोमवार को नल से इतना मटमैला पानी आया कि उसे किसी काम में इस्तेमाल करना मुश्किल हो गया।

बार-बार शिकायत के बाद भी परेशानी

सड्डू निवासी प्रीतम ने बताया कि इलाके में पहले भी कई बार गंदा पानी आने की शिकायत हो चुकी है। सोमवार को फिर नलों से दूषित पानी पहुंचा। बार-बार शिकायत के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह

  • डॉ. योगेंद्र मल्होत्रा शहर में कई स्थानों पर मटमैले और गंदे पानी की आपूर्ति होना स्वास्थ्य की दृष्टि से चिंता का विषय है। ऐसे पानी में हानिकारक सूक्ष्मजीव और संक्रमण फैलाने वाले बैक्टीरिया हो सकते हैं, जिससे उल्टी-दस्त, गैस्ट्रो एंटेराइटिस और टाइफाइड जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
  • नागरिक फिलहाल ऐसे पानी का उपयोग पीने या भोजन बनाने में न करें। पानी को उबालकर और सुरक्षित तरीके से संग्रहित करके ही इस्तेमाल करें। प्रशासन को भी तत्काल जलापूर्ति की गुणवत्ता की जांच, पाइपलाइन में लीकेज या सीवेज मिश्रण की संभावना की पड़ताल तथा आवश्यक सुधार सुनिश्चित करना चाहिए।

फिल्टर प्लांट से हुआ स्पष्टीकरण

हाल ही में दो दिन हुई बारिश के कारण नदी के पानी का जलस्तर करीब 30 इंच बढ़ गया था। इससे पानी का रंग बदल गया। कल रात में पानी की सप्लाई के दौरान उसे साफ करने के लिए ब्लीचिंग पाउडर और चूने की जितनी मात्रा जरूरी थी, उतनी नहीं डाली जा सकी। फिटकिरी का उपयोग किया गया, लेकिन इससे भी पानी का रंग साफ नहीं हो पाया। इसी स्थिति में पानी की सप्लाई हो गई, जिसके कारण सोमवार को हल्के पीले रंग का पानी पहुंचा। - नरसिंग फरेंद्र, कार्यपालन अभियंता, फिल्टर प्लांट

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पहले भी सामने आ चुके हैं मामले

इस वर्ष जनवरी में राम नगर, कचना और सड्डू की कालोनियों में झागदार और बदबूदार पानी आने की शिकायत हुई थी। मामला राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) तक पहुंचा था। जांच में कचना की इंद्रप्रस्थ पाकवार कालोनी और हाउसिंग बोर्ड कालोनी में पुरानी पाइपलाइन में लीकेज मिला था। सड्डू सेक्टर-10 में भी नाली के पास पाइपलाइन से गंदा पानी पहुंचने की बात सामने आई थी। इसके बाद निगम ने मरम्मत और पाइपलाइन बदलने की कार्रवाई की थी।

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