नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सुबोध कुमार सिंह के नाम से फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर पहचान का दुरुपयोग करने के मामले में रायपुर रेंज साइबर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के हमीरपुर निवासी अर्जुन कुमार जाटव (23) को गिरफ्तार किया है।
आरोपित के मोबाइल की तकनीकी जांच में स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर के अन्य महत्वपूर्ण जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के नाम से भी फर्जी फेसबुक आईडी बनाए जाने के साक्ष्य मिले हैं। पुलिस इन मामलों में भी वैधानिक कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।
वहीं, शेयर ट्रेडिंग में मुनाफा दिलाने का झांसा देकर 88 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले कानपुर निवासी प्रवीण कुमार दीक्षित (46) को भी गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपितों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा रहा है। पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा के निर्देश पर रेंज साइबर थाना पुलिस ने ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत यह कार्रवाई की है।
वरिष्ठ आईएएस के नाम से बनाई फर्जी आईडी
पुलिस के अनुसार, प्रार्थी सुशांत पनका ने शिकायत की थी कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सुबोध कुमार सिंह के नाम से फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाई है। शिकायत के आधार पर राखी थाने में अपराध दर्ज कर मामले की जांच रेंज साइबर थाना रायपुर को सौंपी गई थी।
जांच के दौरान पुलिस ने फेसबुक, गूगल और मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों से प्राप्त जानकारी का तकनीकी विश्लेषण किया। इसके आधार पर हमीरपुर, उत्तर प्रदेश निवासी अर्जुन कुमार जाटव की पहचान की गई। पुलिस के मुताबिक, आरोपित अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर फर्जी फेसबुक आईडी बनाने और धोखाधड़ी की गतिविधियों में शामिल था।
आरोपित के मोबाइल फोन की जांच में अन्य महत्वपूर्ण जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाए जाने से संबंधित साक्ष्य भी मिले हैं। पुलिस इनकी जांच कर आगे की कार्रवाई करेगी। ऐसे मामलों में किसी वरिष्ठ अधिकारी की पहचान का दुरुपयोग कर लोगों को गुमराह करने और उनके नाम पर संपर्क करने की आशंका को देखते हुए जांच की जा रही है।
शेयर ट्रेडिंग में 88 लाख की धोखाधड़ी
दूसरे मामले में प्रार्थी रश्मि शर्मा ने शेयर ट्रेडिंग में मुनाफा दिलाने के नाम पर 88 लाख रुपये की धोखाधड़ी किए जाने की शिकायत रेंज साइबर थाना रायपुर में दर्ज कराई थी। मामले में अपराध दर्ज कर पुलिस ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और वाट्सएप से प्राप्त तथ्यों का विश्लेषण किया। जांच में कानपुर, उत्तर प्रदेश निवासी प्रवीण कुमार दीक्षित की पहचान मुख्य आरोपित के रूप में हुई।
पुलिस के अनुसार, प्रवीण अपने अन्य साथी के साथ मिलकर 'दीक्षित एजेंसी' नाम से फर्जी कंपनी के माध्यम से बैंक खाते खुलवाता था। इन खातों में धोखाधड़ी से प्राप्त रकम जमा कराई जाती थी। पूछताछ में आरोपित ने अपने अन्य साथियों के संबंध में भी जानकारी दी है, जिसके आधार पर पुलिस आगे की जांच कर रही है।
11 थानों और साइबर सेल में दर्ज हैं शिकायतें
पुलिस के मुताबिक, प्रवीण दीक्षित द्वारा इस्तेमाल किए गए बैंक खाते के संबंध में देश के विभिन्न राज्यों के 11 थानों और साइबर सेल में शिकायतें दर्ज हैं। इससे मामले के अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब आरोपित के अन्य साथियों, बैंक खातों और धोखाधड़ी की रकम के लेन-देन से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।
रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा ने रेंज साइबर थाना को साइबर अपराधों में शामिल मुख्य आरोपितों की पहचान करने, तकनीकी साक्ष्य जुटाने और उनकी गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधों में इस्तेमाल किए जा रहे खातों, मोबाइल नंबरों और इंटरनेट मीडिया की गतिविधियों का विश्लेषण कर ऐसे नेटवर्क के विरुद्ध कार्रवाई जारी रहेगी।
गिरफ्तार आरोपित
अर्जुन कुमार जाटव (23), निवासी ग्राम पारा, तहसील मौदहा, जिला हमीरपुर, उत्तर प्रदेश।
प्रवीण कुमार दीक्षित (46), निवासी पांडु नगर, हंस नगर, कानपुर, उत्तर प्रदेश।