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राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। विजयदशमी पर राज्य में दो नई यात्री रेल सेवाओं की शुरुआत हुई। पहली बार रावघाट से यात्री ट्रेन रायपुर पहुंची। पहले दिन इस मार्ग पर 410 यात्रियों ने सफर किया। रायपुर-कुरूद ट्रेन सेवा में भी पहले दिन करीब 250 यात्रियों ने यात्रा की। दोनों सेवाओं के शुरू होने पर यात्रियों में उत्साह रहा।
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े, जबकि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर सात पर हरी झंडी दिखाकर रेल सेवाओं को रवाना किया। इस अवसर पर ताड़ोकी-रावघाट और अभनपुर-कुरूद रेलखंडों का लोकार्पण किया गया। रायपुर में आधुनिक इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस सुविधा की आधारशिला भी रखी गई।
दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना अहम
दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना छत्तीसगढ़ की अहम रेल परियोजनाओं में शामिल है। करीब 1,628 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना की कुल लंबाई लगभग 95 किलोमीटर है। ताड़ोकी से रावघाट के बीच 17.5 किलोमीटर रेल लाइन का काम पूरा होने के साथ रावघाट तक रेल संपर्क स्थापित हुआ है।
अभनपुर-धमतरी गेज परिवर्तन परियोजना के तहत अभनपुर से कुरूद तक करीब 22 किलोमीटर रेल लाइन का गेज परिवर्तन पूरा किया गया है। रायपुर-कुरूद सेवा से क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
तेजी से हो रही रेल कनेक्टिविटी का विस्तार- सीएम साय
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में रेल अधोसंरचना का विस्तार हो रहा है। केंद्र और राज्य सरकार का प्रयास है कि आधुनिक रेल सुविधाएं बस्तर और सरगुजा सहित दूरस्थ व जनजातीय क्षेत्रों तक पहुंचें।
कार्यक्रम में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी और राज्यसभा सदस्य लक्ष्मी वर्मा उपस्थित रहे। साय के अनुसार, प्रदेश में करीब 54 हजार करोड़ रुपये की रेल विकास परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इस वर्ष छत्तीसगढ़ को 7,470 करोड़ रुपये का रेल बजट मिला है।
अंग्रेजों के जमाने में पहला सर्वे
रेलवे के इतिहास के अनुसार, 1917-18 में कुरूद से लिकमा के बीच जंगल की उपज और लकड़ी ढोने के लिए फारेस्ट ट्राम चलती थी।
रावघाट क्षेत्र में रेल लाइन का पहला सर्वे 1914 में बंगाल नागपुर रेलवे ने किया था। आजादी के बाद 1974 में परियोजना का तकनीकी और आर्थिक सर्वे हुआ। इसे 1998-99 के रेल बजट में मंजूरी मिली। 20 अक्टूबर 2026 को पहली ट्रेन रावघाट से रायपुर पहुंची।