_m.webp)
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। खमतराई रेलवे फाटक पर जाम से परेशान होने वाले 40 हजार से अधिक वाहन चालकों को डेढ़ वर्ष बाद राहत मिल सकती है। यहां अंडरब्रिज निर्माण के लिए रेलवे ने जुलाई में ठेका एजेंसी नियुक्त कर दी थी। एजेंसी ने मौके पर मार्किंग, साफ-सफाई और पेड़ों की कटाई शुरू कर दी है। इस कार्य को 18 महीने में पूरा करना होगा।
अंडरब्रिज की निर्माण लागत करीब 15 करोड़ 48 लाख 15 हजार रुपये है। इस कार्य के लिए एसवीएस कंस्ट्रक्शन लखनऊ को टेंडर मिला है। सात जुलाई को लेटर का एक्सेप्टेंस जारी किया गया है।
खमतराई रोड एलसी-417 ट्वीन बाक्स के आधार पर रोड अंडरब्रिज का निर्माण किया जाना है। अंडरब्रिज की कुल लंबाई करीब 180 मीटर रहेगी। वहीं पुल लगभग 42 मीटर लंबा और 11.5 मीटर चौड़ा रहेगा। पुल के अतिरिक्त हिस्से को शेड से ढका जाएगा।
रोजाना की झंझट और 20 मिनट के इंतजार से मिलेगी मुक्ति
खमतराई क्रासिंग मुंबई-हावड़ा रेलमार्ग पर स्थित है, जहां से रोजाना 100 से अधिक ट्रेनें गुजरती हैं। वर्तमान में रेलवे द्वारा आटोमेटिक सिग्नलिंग शुरू किए जाने के कारण अब एक साथ चार से पांच ट्रेनें गुजरती हैं, जिससे यात्रियों को रोजाना करीब 20 मिनट तक फाटक पर रुकना पड़ता है।
इस मार्ग से रोजाना बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे, नौकरीपेशा लोग और व्यापारी गुजरते हैं। ट्रेन आने पर फाटक बंद होते ही दोनों तरफ लंबी कतार लग जाती है और कई बार फाटक खुलने के बाद भी भारी भीड़ के कारण रास्ता साफ होने में काफी समय लग जाता है।
आवाजाही होगी सुगम, वैकल्पिक मार्ग की सुविधा
रेलवे का यह प्रस्तावित अंडरब्रिज डब्ल्यूआरएस से डीआरएम कार्यालय की ओर जाने वाली सड़क से शुरू होकर रेलवे लाइन के नीचे से होते हुए एलआइसी बिल्डिंग के पास निकलेगा।
इसे टू-लेन बनाने की योजना है और इसके दोनों ओर सड़क की चौड़ाई पांच-पांच मीटर प्रस्तावित की गई है। इस अंडरब्रिज के तैयार होने से दोपहिया, कार और अन्य श्रेणी के वाहनों को रेलवे फाटक पर निर्भर हुए बिना सीधे दूसरी ओर जाने का वैकल्पिक और सुगम रास्ता मिल जाएगा, जिससे ईंधन और समय दोनों की बचत होगी।
इधर, स्टेशन अंडरब्रिज में शेड का काम महीनों से अधूरा
एक्सप्रेस-वे और गुढ़ियारी से स्टेशन जाने वाले मार्ग पर स्थित रेलवे अंडरब्रिज में शेड का निर्माण कार्य लंबे समय से अधूरा छोड़ दिया गया है। इस अंडरब्रिज में शेड के कमजोर बेस को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। पूर्व में भी कई बार इसका काम बंद और चालू हुआ है, लेकिन वर्तमान में इसे कई महीनों से पूरी तरह अधूरा छोड़ दिया गया है। धूप और बारिश के बीच यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।