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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 10, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पांच लोगों को नक्सली बताकर ले गई पुलिस, कांकेर में ग्रामीणों ने जताया विरोध

जिला पंचायत सदस्य मृदुला भास्कर ने पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पुलिस अंदरूनी इलाकों के लोगों उठाकर ले जाती है और किसी को भी जान...और पढ़ें

By Shashank Shekhar BajpaiEdited By: Shashank Shekhar Bajpai
Publish Date: Mon, 10 Mar 2025 02:16:23 PM (IST)Updated Date: Mon, 10 Mar 2025 02:16:23 PM (IST)
पांच लोगों को नक्सली बताकर ले गई पुलिस, कांकेर में ग्रामीणों ने जताया विरोध
एनआईए की टीम पर रात करीब 12 बजे उठाकर ले जाने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है।

HighLights

  1. जिला पंचायत सदस्य और पूर्व जिला पंचायत सदस्यों के साथ ग्रामीण पहुंचे थे थाने।
  2. कोतवाली थाना पहुंचे भैंसगांव और टोंडामरका के ग्रामीण, दी आंदोलन की चेतावनी l
  3. जिपं सदस्य ने पुलिस पर बेगुनाह ग्रामीणों को नक्सली बताकर उठाने का लगाया आरोप।

नईदुनिया न्यूज, कांकेर। कोरर थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत मुरागांव के आश्रित ग्राम भैंसगांव और टोंडामरका के पांच ग्रामीणों को नक्सली बताते हुए एनआईए की टीम द्वारा बीती रात करीब 12 बजे उठाकर ले जाने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है।

इसके विरोध में रविवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण कोतवाली थाना पहुंचे। जिला पंचायत सदस्य मृदुला भास्कर ने बताया कि अब तक हमने कांकेर, कोरर और आमाबेड़ा थाने के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय का चक्कर काट लिया है।

मगर, ग्रामीणों को उठाकर ले जाने का कारण और अन्य जानकारी स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस अपने तरीके में सुधार नहीं करेगी तो ग्रामीणों के साथ उग्र आंदोलन किया जाएगा।

5 फरार नक्सलियों को गिरफ्तार करने की बात कह रही पुलिस

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार नक्सली वर्ष 2015 में ग्राम भैंसगांव व बुधियारमारी में तीन ग्रामीण परिवारों से मारपीट करने, जान से मारने की धमकी देते हुए उन्हें सपरिवार गांव से भगाने में शामिल थे। इस कार्रवाई में जिला कांकेर पुलिस की संयुक्त टीम शामिल है।


आठ मार्च को अनुविभागीय अधिकारी पुलिस कांकेर मोहसिन खान एवं थाना प्रभारी कोरर जितेन्द्र गुप्ता के साथ पर्याप्त बल लेकर अतिनक्सल प्रभावित ग्रामों पीढापाल, भैंसगांव, बुधियारमारी, टोंडामरका में फरार नक्सली सहयोगियों की पतासाजी की गई।

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कोर्ट में पेशी के बाद जेल भेजे गए आरोपी

फरार तीन नक्सली आरोपित कार्तिक उसेंडी, संतुराम हुपेंडी, चंदन सलाम सभी निवासी बुधियारमारी टोण्डामरका और अन्य प्रकरण में नक्सली आरोपित सोमारू कावड़े, लक्ष्मण नुरेटी दोनों भैंसगांव निवासी से पूछताछ की गई। उन्होंने तीन ग्रामीण परिवारों से मारपीट कर गांव से बाहर निकालना स्वीकार किया।

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हार्डकोर नक्सली राजे कांगे एवं प्रभाकर की गिरफ्तारी व कई नक्सलियों के आत्मसमर्पण के बाद पुख्ता सूचना मिलने पर नौ मार्च को आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। वहां से उन्हें जेल में भेज दिया गया है।

पिछले दिनों हार्डकोर नक्सली राजे कांगे पति प्रभाकरण को गिरफ्तार किया गया था। कुछ नक्सलियों ने आत्मसमर्णन भी किया था। पूछताछ के दौरान मिली सूचनाओं के आधार पर लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। बहुत से गांवों के नक्सली मददगार रहे हैं या नक्सली घटनाओं में शामिल रहे हैं उनको गिरफ्तार किया जा रहा है। गांव के लोग उसी के संबंध में जानकारी लेने आए थे, जिन्हें समझा बुझाकर वापस भेज दिया गया है। -मोहसीन खान, एसडीओपी, कांकेर

बेगुनाहों को बता रहे नक्सली

पूर्व जिपंच सदस्य नरोत्तम पडोटी ने कहा कि दो ग्रामों के छह ग्रामीणों को नक्सली होने का आरोप लगाकर उठाया गया है। इसकी जानकारी लेने के लिए पूरे क्षेत्र के ग्रामीण कांकेर पहुंचे हुए है, पर हमें कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। एनआईए टीम के आने का हवाला दिया गया है।

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कल तक जानकारी नहीं दी गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। पुलिस एनआईए की टीम बताकर रात को घर में घुसे। इसके बाद चंदन सिंह सलाम, संतुराम उपेंडी, कार्तिक राम उसेंडी, भैंसगांव से सोमारू राम कावड़े, फूलसिंग कावड़े, लक्ष्मम नुरेटी को ले गए। ये सभी खेती-किसानी करने वाले ग्रामीण हैं।