महादेव सट्टे का असली मालिक कौन? भूपेश बघेल ने सीबीआई और ईडी की कार्रवाई पर उठाए सवाल
सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी से पूर्व सीएम भूपेश बघेल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। बघेल ने असली मालिक पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने ही कार्रवाई शुरू की थी।
Publish Date: Wed, 04 Nov 2026 03:45:01 PM (IST)Updated Date: Wed, 04 Nov 2026 03:45:01 PM (IST)
भूपेश बघेल ने सीबीआई और ईडी की कार्रवाई पर उठाए सवाल। (फाइल फोटो)HighLights
- सौरभ की गिरफ्तारी से भूपेश बघेल की मुश्किलें बढ़ने की आशंका।
- बघेल ने पूछा- सट्टा कारोबार का असली मालिक कौन है?
- पूर्व सीएम बघेल पर 508 करोड़ रुपये लेने का आरोप।
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर : महादेव सट्टा मामले के प्रमुख प्रमोटर सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मुश्किलें बढ़ने की आशंका है। इधर बघेल ने सीबीआइ और ईडी से सवाल किया है कि सट्टा कारोबार का असली मालिक कौन है।
हमारी सरकार में 72 एफआइआर हुईं : भूपेश
- मीडिया से चर्चा में सौरभ चंद्राकर की रिमांड को लेकर बघेल ने कहा कि जांच होगी और पन्ने खुलेंगे, तो मामला हीरेंद्र जोशी तक जाएगा। उन्होंने कहा कि उनके शासनकाल में साल 2022 में 72 एफआइआर दर्ज की गई थीं। उनकी सरकार ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी करने का अनुरोध किया था।
बघेल ने कहा कि ईडी ने कार्रवाई की है। एयरपोर्ट से आते समय सामने स्थित एक होटल में करीब तीन करोड़ रुपये पकड़े गए थे। उन्होंने कहा कि ईडी ने शुभम सोनी का वीडियो हासिल कर जारी किया था। सोनी कहता था, 'मैं मालिक हूं, ये तो मेरे नौकर हैं।' अब एजेंसियां सौरभ को प्रमोटर बता रही हैं। बघेल ने सवाल किया कि मालिक शुभम सोनी है, जिसका वीडियो जारी हुआ या सौरभ चंद्राकर? उन्होंने कहा कि एजेंसियां वही करेंगी, जो सरकार चाहेगी, लेकिन उन्हें न्यायालय पर पूरा भरोसा है। बघेल ने यह भी कहा कि सौरभ को केंद्रीय एजेंसी ने ढूंढकर गिरफ्तार नहीं किया। उनके अनुसार, सौरभ पहले से ओमान की जेल में था और उसे प्रत्यर्पण के जरिए लाया गया। बघेल को 508 करोड़ रुपये देने का आरोप
- बता दें कि ईडी की गिरफ्त में आए ड्राइवर असीम दास ने बयान में आरोप लगाया था कि सट्टा कारोबार को संरक्षण देने के लिए बघेल से पैसे का लेनदेन हुआ। शुभम सोनी ने भी वीडियो जारी कर बघेल को 508 करोड़ रुपये देने की बात कही थी। हालांकि बघेल ने न्यायालय पर भरोसा जताया है।
वहीं सौरभ से पूछताछ के बाद बघेल समेत अन्य नेताओं, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों तथा नेटवर्क से जुड़े लोगों की मुश्किलें बढ़ने की आशंका है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने चंद्राकर की गिरफ्तारी को बड़ी सफलता बताया। उन्होंने कहा कि मुख्य आरोपित को पकड़ने के लिए सीबीआइ लगातार प्रयास कर रही थी और मामले में जल्द बड़े राजफाश होंगे। यह भी पढ़ें- ‘ज्ञानू-जानू विवाह’ पोस्ट पर अमित जोगी के खिलाफ FIR, BJP के विरोध के बाद मांगी माफी
सौरभ चंद्राकर के प्रत्यर्पण में हुई देरी : बैज
- इधर महादेव सट्टा एप के आरोपित सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाए जाने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि प्रत्यर्पण बहुत देरी से हुआ है। उसे भारत लाने की कार्रवाई में पूववर्ती सरकार के प्रयासों की अहम भूमिका रही है। बैज ने दावा किया कि सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी करने का अनुरोध भी कांग्रेस सरकार ने किया था।
- उन्होंने सवाल किया कि सौरभ चंद्राकर को भारत लाया गया है, लेकिन रवि उप्पल और शुभम सोनी को कब लाया जाएगा? उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बनने के तीन वर्ष बाद भी महादेव एप और उससे जुड़े दूसरे आनलाइन सट्टा पैनल सक्रिय हैं। कुछ बड़े अधिकारियों और भाजपा नेताओं की भूमिका सामने आने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई।
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