
नईदुनिया न्यूज, सूरजपुर। कोतवाली थाना क्षेत्र में हुई दुखद घटना ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। ग्राम लांची में नवमी में अध्ययनरत 15 वर्षीय नाबालिग छात्रा ने मामूली पारिवारिक विवाद के बाद आत्महत्या कर ली। घटना के बाद न केवल परिवार बल्कि स्कूल और ग्रामीण अंचल में भी सन्नाटा पसरा हुआ है।
जानकारी के अनुसार, छात्रा आत्मानंद स्कूल की छात्रा थी और परीक्षा देकर घर लौटी थी। घर आने के बाद उसने अपनी मां के मोबाइल फोन से डिजिटल माध्यम से कुछ राशि का लेन-देन किया। इस ट्रांजेक्शन को लेकर जब मां को जानकारी हुई तो उन्होंने छात्रा से पूछताछ की और भविष्य में बिना बताए मोबाइल उपयोग न करने की समझाइश दी। मां की इस फटकार के बाद छात्रा चुपचाप अपने कमरे में चली गई और भीतर से दरवाजा बंद कर लिया।
काफी देर तक कोई हलचल नहीं होने पर परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। दरवाजा खोलने पर देखा गया कि छात्रा पंखे से फंदे पर लटकी हुई थी। आनन-फानन में पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस द्वारा स्वजन के बयान दर्ज किए जा रहे हैं, वहीं डिजिटल लेन-देन और मोबाइल डेटा की भी जांच की जा रही है ताकि घटना के सभी पहलुओं को स्पष्ट किया जा सके।
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इस हृदयविदारक घटना से छात्रा का परिवार पूरी तरह टूट गया है। घर में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्कूल में भी छात्रा के सहपाठी और शिक्षक गहरे सदमे में हैं। इस घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि किशोरावस्था में बच्चे भावनात्मक रूप से कितने संवेदनशील होते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों से संवाद, धैर्य और समझदारी बेहद जरूरी है। छोटी-छोटी बातों पर कठोर प्रतिक्रिया के बजाय मार्गदर्शन और भरोसे का माहौल ही ऐसी दुखद घटनाओं को रोक सकता है।