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नईदुनिया प्रतिनिधि, सीतापुर। चार साल पहले बिजली कंपनी में बहुचर्चित बिजली बिल घोटाले में चार साल बाद पांच में से एक आरोपित को गिरफ्तार करने में पुलिस को सफलता मिली है। गिरफ्तार आरोपित सुनील केरकेट्टा लाइनमैन के पद पर पदस्थ था। प्रकरण में लगभग तीन करोड़ रुपये का घोटाला किया गया था। जिसे विभाग के अधिकारी कर्मचारियों ने मिलकर बड़े सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया था। मामले का खुलासा होने के बाद इस घोटाले की विभागीय जांच कराई गई थी। जांच में सही पाए जाने पर विभाग द्वारा तत्कालीन सहायक अभियंता समेत पांच के विरुद्ध थाने में प्राथमिकी दर्ज कराया गया था।
चार साल से फ़ाइल बंद थी। वर्तमान थाना प्रभारी ने करोड़ों के इस घोटाले का संज्ञान लिया और चार साल बाद इस मामले का एक आरोपित गिरफ्तार हुआ। शेष चार अभी भी फरार चल रहे है। विदित हो कि बिजली कंपनी में सन 2019 से 2021 तक विद्युत वितरण केंद्र सीतापुर पेटला एवं मैनपाट में बिजली बिल में हेराफेरी करते हुए घोटाले को अंजाम दिया गया था। विगत दो सालों में बिजली कंपनी के अधिकारी कर्मचारियों ने मिलकर बिजली बिल के आड़ में दो करोड़ 94 लाख 29 हजार 4 सौ 82 रुपये का घोटाला किया था।
इस बात की भनक जब उच्चाधिकारियों को हुई तब उन्होंने इस घोटाले के विरुद्ध विभागीय जांच कराई। जांच में यह साबित हो गया कि इस घोटाले को तात्कालिक सहायक अभियंता राजेंद्र कुमार पन्ना, कार्यालय सहायक गणेश सिंह, अरविंद सागर, लाइनमैन सुनील केरकेट्टा एवं कंप्यूटर ऑपरेटर श्रीकांत खलखो ने मिलकर अंजाम दिया था। विभागीय जांच रिपोर्ट आने के बाद घोटाले में शामिल इन पांचों के विरुद्ध 19 जनवरी 2021 को थाने में मामला दर्ज कराया गया था। अपराध दर्ज होते ही इस बहुचर्चित बिजली बिल घोटाले के सभी आरोपित फरार चल रहे थे।
जबकि इसमे से एक सहायक अभियंता संभवतः कोरिया जिले में अपनी सेवाएं दे रहे है। वही गणेश सिंह बलरामपुर एवं अरविंद जशपुर जिले में अपनी सेवाएं दे रहे है। कमाल की बात ये है कि रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद चार साल तक बहुचर्चित बिजली बिल घोटाले की फाइल थाने में आराम फरमाते रही। इन चार सालों में जितने भी पुलिस अधिकारी आये सभी ने बहती गंगा में हाथ धोया और मामले को जानबूझकर लंबित रखा। इन चार सालों में पुलिस करोड़ों के बिजली बिल घोटाले में शामिल पांच आरोपियों का पता ठिकाना तक नही तलाश पाई। जबकि सारे के सारे आज भी विद्युत कंपनी में अलग अलग जगहों पर अपनी सेवाएं दे रहे है।
थाने में लंबित प्रकरणों के निपटारे का दबाव के बाद आखिरकार चार साल बाद इस घोटाले की फाइल खुली। फाइल खुलते ही इस मामले में चार साल बाद पहली गिरफ्तारी हुई है। पुलिस ने धारा 120 बी एवं 409 के तहत थाना प्रभारी अखिलेश सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने लाइनमैन सुनील कुमार केरकेट्टा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले में संलिप्त अन्य चार आरोपी अभी भी फरार है। इस सम्बंध में थाना प्रभारी अखिलेश सिंह ने बताया कि करोड़ों रुपये के बिजली बिल घोटाले में एक आरोपित की गिरफ्तारी हुई है। बाकी अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी में पुलिस जुटी हुई है।
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