
संवाद सूत्र, जागरण महुआडांड़ (लातेहार)। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से झारखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल लोध फाल जा रही एक यात्री बस रविवार को ओरसा घाटी में भीषण हादसे का शिकार हो गई। बस का ब्रेक फेल हो जाने से वह अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दुर्घटना में चार महिलाओं और दो पुरुषों की मौत हो गई, जबकि बस में सवार 70 से अधिक यात्री घायल हो गए।
कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। दुर्घटनाग्रस्त बस ज्ञान गंगा हाई स्कूल, बलरामपुर की बताई जा रही है, जिसका पंजीयन संख्या सीजी-15 एबी 0564 है। सभी लोग छत्तीसगढ़ बलरामपुर के महाराजगंज गांव से सगाई कार्यक्रम में शामिल होने आ रहे थे। पुलिस और स्थानीय लोग राहत कार्य में लगे हुए हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस में क्षमता से अधिक यात्री सवार थे। ओरसा घाटी की तीखी ढलान पर पहुंचते ही बस अचानक तेज रफ्तार से नीचे की ओर बढ़ने लगी और कुछ ही पलों में पलट गई। बस के पलटने से कई यात्री बस के नीचे दब गए। बस चालक विकास पाठक ने बताया कि घाटी में उतरते समय ही उन्हें ब्रेक फेल होने का एहसास हो गया था। उन्होंने बस को नियंत्रित करने के लिए हैंडब्रेक का भी सहारा लिया, लेकिन ढलान होने के कारण बस पर नियंत्रण नहीं रखा जा सका।
यह भी पढ़ें- इंदौर-अहमदाबाद फोरलेन पर ओवरटेक करने के चक्कर में पलटी बस, 12 यात्री घायल
चालक के मुताबिक उन्होंने यात्रियों को संभलने की चेतावनी भी दी थी, लेकिन कुछ ही क्षणों में हादसा हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही ग्राम ओरसा के दर्जनों महिला-पुरुष मौके पर पहुंचे और घायलों को बस के नीचे से बाहर निकालने में जुट गए। ग्रामीणों की तत्परता से कई घायलों की जान बच सकी। घायलों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महुआडांड़ और कार्मेल अस्पताल महुआडांड़ में भर्ती कराया गया है।
दुर्घटना में जान गंवाने वाली महिलाओं की पहचान बलरामपुर जिले के पिपरसोट गांव निवासी रेसंती देवी, प्रेमा देवी, सीता देवी एवं सुखना सूईयां के रूप में की गई है। वहीं एक मृतक की पहचान विकास कुमार के रूप में की गई है, जबकि दूसरे की पहचान नहीं हो पाई थी। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल लाया गया है। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची और राहत व बचाव कार्य शुरू किया।