नर्सिंग के बाद अब पैरामेडिकल कोर्स कराएगा इंदौर का देवी अहिल्या विवि (DAVV), कॉलेजों का संबद्धता लेना होगा अनिवार्य
र्सिंग के बाद अब देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) में पैरामेडिकल कोर्स भी शिफ्ट कर दिए गए हैं।
Publish Date: Wed, 23 Sep 2026 02:51:24 PM (IST)Updated Date: Wed, 23 Sep 2026 03:02:59 PM (IST)
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, फाइल फोटोHighLights
- देवी अहिल्या विवि कराएगा पैरामेडिकल कोर्स की परीक्षा
- साल 2014 में जबलपुर आयुर्विज्ञान विवि में किया था शिफ्ट
- कॉलेजों को अब डीएवीवी से संबद्धता लेना होगा अनिवार्य
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। नर्सिंग के बाद अब देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) में पैरामेडिकल कोर्स भी शिफ्ट कर दिए गए हैं। विश्वविद्यालय को अब इन कोर्स के विद्यार्थियों की 2025-26 सत्र की परीक्षा करवाने और रिजल्ट जारी करने की जिम्मेदारी संभालनी होगी।
इसमें बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी (बीपीटी), बैचलर आफ मेडिकल लैब टेक्नोलाजी (बीएमएलटी) और डिप्लोमा इन मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी (डीएमएलटी) सहित अन्य पैरामेडिकल कोर्स शामिल हैं।
कोर्स संचालित करने वाले कॉलेजों को अब डीएवीवी से संबद्धता लेना अनिवार्य होगा। इसके लिए विश्वविद्यालय ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। कॉलेजों को 25 सितंबर तक आवेदन जमा करने का समय दिया गया है।
कॉलेजों का किया जाएगा निरीक्षण
संबद्धता शुल्क जमा होने के बाद विश्वविद्यालय की ओर से कॉलेजों का निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण में तय मापदंडों और आवश्यक संसाधनों की जांच के बाद संबद्धता देने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
दरअसल, वर्ष 2014 में मेडिकल और पैरामेडिकल कोर्स को जबलपुर आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में शिफ्ट किया गया था। इसके बाद इनकी परीक्षा समय पर नहीं होने और रिजल्ट में देरी की शिकायतें सामने आती रहीं।
कार्य परिषद ने दी मंजूरी
विद्यार्थियों को लंबे समय तक परीक्षा और परिणाम का इंतजार करना पड़ता था। इसके बाद शासन ने इन कोर्स को दोबारा राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की। उच्च शिक्षा विभाग से निर्देश मिलने के बाद डीएवीवी प्रशासन ने पैरामेडिकल कोर्स को विश्वविद्यालय के अधीन लेने का प्रस्ताव कार्य परिषद के सामने रखा।
12 अगस्त को हुई कार्य परिषद की बैठक में सदस्यों ने पैरामेडिकल कोर्स संचालित करने को मंजूरी दे दी। इसके बाद कॉलेजों से संबद्धता के लिए आवेदन मंगवाए गए हैं। डीएवीवी के जिम्मे इन कोर्स की पढ़ाई से लेकर परीक्षा और रिजल्ट से जुड़ी महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारियां रहेंगी।
संबद्धता के लिए आवेदन शुरू हो चुके हैं। राशि जमा करने के बाद कॉलेजों का निरीक्षण किया जाएगा। उसके आधार पर संबद्धता जारी होगी। वे कहते हैं कि विश्वविद्यालय को 2025-26 सत्र की पहली परीक्षा करवाना है, जो दिसंबर में आयोजित की जाएगी। डॉक्टर, सचिन शर्मा, डीसीडीसी, देअविवि