• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • चुनाव
  • बिहार विधान सभा

Bihar Politics: बिहार की सियासत में इन ’Hot Seats' पर टिकीं नजरें... चौंका सकता है रिजल्ट, ये सात सीटें तय करेंगी सत्ता की दिशा!

Bihar Elections 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मिथिलांचल की राजनीति पर सबकी निगाहें टिकी हैं। दरभंगा, समस्तीपुर और मधुबनी जिले की सात विधानसभा सी...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Akash Sharma
Publish Date: Sat, 25 Oct 2025 03:49:45 PM (IST)Updated Date: Sat, 25 Oct 2025 03:55:21 PM (IST)
Bihar Politics: बिहार की सियासत में इन ’Hot Seats' पर टिकीं नजरें... चौंका सकता है रिजल्ट, ये सात सीटें तय करेंगी सत्ता की दिशा!
बिहार चुनाव 2025: मिथिलांचल की सात सीटों पर एनडीए-INDIA के बीच सीधा संघर्ष

HighLights

  1. मिथिलांचल की सात सीटें बनीं चुनावी रणभूमि।
  2. एनडीए और INDIA गठबंधन में कांटे की टक्कर।
  3. चिराग पासवान की NDA में वापसी पर टिकीं निगाहें।

डिजिटल डेस्क: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 (Bihar Elections 2025) जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, मिथिलांचल का राजनीतिक पारा तेजी से चढ़ता जा रहा है। इस क्षेत्र की सात सीटें- दरभंगा, समस्तीपुर और मधुबनी जिलों की राजनीतिक रूप से सबसे ‘हॉट’ (Bihar Vidhan Sabha Hot Seats) मानी जा रही हैं। इन सीटों पर NDA और INDIA गठबंधन (महागठबंधन) के बीच कांटे की टक्कर की संभावना है। राजनीतिक पंडित भी इन सीटों के परिणामों को लेकर अनुमान लगाने से बच रहे हैं, क्योंकि मुकाबला अत्यंत दिलचस्प और अप्रत्याशित हो सकता है।

naidunia_image

इन सात सीटों में दरभंगा ग्रामीण, समस्तीपुर, हसनपुर, मोरवा, विभूतिपुर, मधुबनी और लौकहा शामिल हैं। फिलहाल इन छह सीटों पर राजद और एक पर माकपा का कब्जा है। दरभंगा ग्रामीण से राजद के ललित कुमार यादव, समस्तीपुर से अख्तारूल इस्लाम, हसनपुर से तेजप्रताप यादव, मोरवा से रंजय कुमार साह, विभूतिपुर से माकपा के अजय कुमार, मधुबनी से समीर कुमार महासेठ और लौकहा से भरत भूषण मंडल विधायक हैं।


मिथिलांचल क्षेत्र में 30 सीटों में से 23 NDA के कब्जे में

मिथिलांचल क्षेत्र की कुल 30 सीटों में से 23 सीटें NDA के कब्जे में हैं, लेकिन ये सात सीटें लगातार विपक्ष के पास बनी हुई हैं। 2020 के चुनाव में लोजपा (लोक जनशक्ति पार्टी) के अलग चुनाव लड़ने से एनडीए को इन क्षेत्रों में भारी नुकसान झेलना पड़ा था। उस समय चिराग पासवान ने कई सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे, जिससे वोटों का बंटवारा हुआ और राजद को लाभ मिल गया।

लोजपा ने 2020 में दरभंगा, समस्तीपुर और मधुबनी की 30 विधानसभा सीटों में से 17 पर अपने प्रत्याशी खड़े किए थे। इन 17 में से 10 सीटों पर एनडीए जीत सका, जबकि सात सीटों पर नुकसान हुआ। इन सभी सीटों पर जदयू के उम्मीदवार तीसरे या दूसरे स्थान पर खिसक गए। इस बार चिराग पासवान एनडीए में शामिल हैं, जिससे पार्टी उन सात सीटों को हर हाल में वापस पाने की कोशिश में है।

दरभंगा जिले की सीटों का हाल

दरभंगा जिले की बात करें तो यहां की 10 सीटों में से नौ पर एनडीए का कब्जा है, लेकिन दरभंगा ग्रामीण सीट पर जदयू की हार हुई थी। 2020 में लोजपा प्रत्याशी प्रदीप कुमार झा ने 17,605 वोट लेकर जदयू उम्मीदवार की हार सुनिश्चित की थी। अन्य सीटों- कुशेश्वरस्थान, गौड़ाबौराम, बेनीपुर, अलीनगर और बहादुरपुर पर भी लोजपा उम्मीदवारों ने अच्छी संख्या में वोट प्राप्त कर मुकाबले को प्रभावित किया था।

समस्तीपुर जिले का हाल

समस्तीपुर जिले में लोजपा ने 2020 में सात सीटों पर प्रत्याशी उतारे थे, जिनमें चार पर एनडीए को सीधा नुकसान हुआ। समस्तीपुर से लोजपा के महेंद्र प्रधान को 12,074 वोट, विभूतिपुर से चंद्रबली ठाकुर को 28,811 वोट, हसनपुर से अर्जुन प्रसाद यादव को 9,882 वोट, और मोरवा से अभय कुमार सिंह को 23,884 वोट मिले। इन सभी सीटों पर जदयू उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा और राजद ने जीत दर्ज की।

मधुबनी जिले में भी लोजपा ने चार सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें दो सीटों पर एनडीए को नुकसान हुआ। मधुबनी से लोजपा के अरविंद कुमार पूर्वे को 15,818 वोट मिले, जिससे वीआईपी उम्मीदवार सुमन कुमार महासेठ हार गए और राजद के समीर कुमार महासेठ विजयी हुए। वहीं, लौकहा से प्रमोद कुमार प्रियदर्शी को 30,494 वोट मिले, जिससे जदयू के लक्ष्मेश्वर राय पराजित हुए और राजद के भरत भूषण मंडल ने जीत हासिल की।

बाकी दो सीटों बाबूबरही और फुलपरास पर लोजपा उम्मीदवारों को क्रमशः 9,818 और 10,088 वोट मिले। भले ही इन सीटों पर जदयू ने जीत दर्ज की, लेकिन मुकाबला बेहद कठिन रहा।

चिराग पासवान पिछली गलतियों से लेंगे सबक

अब जब चिराग पासवान दोबारा एनडीए में लौट आए हैं, तो पार्टी उम्मीद कर रही है कि पिछली गलतियों को सुधारते हुए इन सात सीटों पर मजबूत प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं, महागठबंधन (INDIA) भी इन सीटों को बचाने के लिए हर संभव रणनीति बना रहा है।

यह भी पढ़ें- Chhath Puja 2025: भारत के 7 सबसे प्रसिद्ध घाट, जहां छठ पूजा पर उमड़ता है भक्तों का सैलाब

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मिथिलांचल की ये सात सीटें न केवल क्षेत्रीय बल्कि राज्य स्तरीय समीकरणों को भी प्रभावित करेंगी। अगर एनडीए यहां वापसी करने में सफल रहता है, तो यह सत्ता की राह को आसान बना देगा। वहीं, INDIA गठबंधन के लिए इन सीटों पर जीत उसकी राजनीतिक स्थिति को और मजबूत कर सकती है।

यह भी पढ़ें- Bihar Election 2025: 'अगले 5 साल में 1 करोड़ युवाओं को रोजगार', चुनाव से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बड़ा वादा

इन सीटों पर मतदाता भी इस बार बेहद सतर्क हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या प्रशांत किशोर की पार्टी “जन सुराज” 2020 जैसी भूमिका निभा पाएगी या नहीं। कुल मिलाकर, बिहार चुनाव 2025 में मिथिलांचल की ये सात सीटें राज्य की राजनीति की दिशा और दशा तय करने वाली साबित हो सकती हैं।