
एंटरटेनमेंट डेस्क। संघर्ष की भट्टी में तपकर कुंदन बने सितारों की फेहरिस्त में 'रॉकिंग स्टार' यश का नाम सबसे ऊपर चमकता है। जिस उम्र में बच्चे खिलौनों से खेलते हैं, उस 6 साल की मासूम उम्र में यश ने असिस्टेंट डायरेक्टर बनकर सिनेमा की दहलीज पर कदम रख दिया था। हालांकि, वह फिल्म कभी पूरी नहीं हो पाई, लेकिन यश के सपनों की फिल्म का क्लाइमेक्स अभी बाकी था। आज यश सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि कन्नड़ और बॉलीवुड सिनेमा का एक ऐसा 'ब्रांड' बन चुके हैं, जिनकी एक झलक के लिए दुनिया बेताब रहती है।

यश का असली नाम यशवंत कुमार है। उनके पिता अरुण कुमार कर्नाटक परिवहन विभाग (KSRTC) में बस ड्राइवर थे। पिता की ईमानदारी और मध्यमवर्गीय परिवार की जरूरतों के बीच यश ने बड़ा सपना देखने की हिम्मत की। एक समय ऐसा आया जब वह अपनी जेब में महज 300 रुपये लेकर घर से भागकर बैंगलोर आ गए। यश ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्हें उस वक्त शहर से डर जरूर लगा, लेकिन वापसी का रास्ता उन्होंने खुद ही बंद कर दिया था, क्योंकि उन्हें पता था कि वापस जाने का मतलब सपनों की मौत है।
बैंगलोर की सड़कों पर यश ने कोई काम छोटा नहीं समझा। उन्होंने ड्रामा ट्रूप जॉइन किया, जहाँ वे बैकस्टेज काम करते थे और कलाकारों को चाय सर्व करते थे। दिन भर की कड़ी मेहनत के बदले उन्हें सिर्फ 50 रुपये मिलते थे। थिएटर ने उनके अभिनय को तराशा और छोटे पर्दे (टेलीविजन) ने उन्हें पहचान दी। फिल्म 'जंबादा हुदुगी' से फिल्मी सफर शुरू हुआ, लेकिन साल 2018 में आई 'KGF: चैप्टर 1' ने उन्हें रातों-रात वैश्विक स्तर पर 'रॉकिंग स्टार' बना दिया।
आज यश लगभग 50 करोड़ रुपये की संपत्ति के मालिक हैं और कन्नड़ सिनेमा के सबसे महंगे अभिनेताओं में से एक हैं। वर्तमान में वह अपनी अगली फिल्म 'टॉक्सिक' (Toxic) को लेकर सुर्खियों में हैं, जो 19 मार्च 2026 को रिलीज होने वाली है। इसके अलावा, बॉलीवुड की महागाथा 'रामायण' में वे 'रावण' की भूमिका निभाकर हिंदी दर्शकों का दिल जीतने के लिए तैयार हैं।
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