
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। दीपावली त्योहार में पटाखों की गूंज के साथ ही प्रदूषण रहित त्योहार मनाना समय की मांग बन गई है। पर्यावरण के साथ ही नागरिकों का स्वास्थ्य बेहतर रहे इसके लिए दीपावली पर ग्रीन पटाखें ही जलाएं जाने चाहिए। इनमें सल्फर की मात्रा तय मानक के अनुरूप होती है।
ग्रीन पटाखों बनाने वाली निर्माताओं को पैकेट पर इससे संबंधित लोगो- मोना लगाना आवश्यक है उसी से इसकी पहचान सुनिश्चित होती है। दीपावली पर मानकों के विपरीत पटाखों की ब्रिकी न हो मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भी दीपावली के पूर्व पटाखा दुकानों की जांच करता है। नियमानुसार कार्रवाई भी प्रस्तावित करता है।
सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश व गाइडलाइन के तहत त्योहार के मद्देनजर 15 दिनों तक वायु प्रदूषण की निगरानी भी की जा रही है। एक नंवबर से निगरानी शुरू कर दी जाएगी।
ये अहम जानकारी सोमवार को नईदुनिया कार्यालय में आयोजित ‘पटाखों की गूंज, प्रदूषण का संकट: दीपावली पर नियंत्रण की चुनौती?‘विषय पर आयोजित ‘विमर्श’ के दौरान मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वरिष्ठ विज्ञानी डा.अमिया इक्का ने दी। इस दौरान उन्होंने पूछे गए सवालों के जवाब देकर जिज्ञासा भी शांत की।
अमिया इक्का ने बताया कि न्यायपालिका, कार्यपालिका की सख्ती का ही ये असर है कि अब मार्केट में तेज आवाज वाले पटाखेें नहीं बिकते। जबलपुर व आस-पास के क्षेत्र में शिवा काशी से पटाखों की आपूर्ति होती है। विभागीय जांच सामने आया कि अब निर्माता भी तेज आवाज वाले पटाखे न ही बना रहे न बेच रहे। कठौंदा स्थित पटाखा बाजार में की गई जांच में 125 डेसीबल के तेज आवाज वाले पटाखें कहीं नहीं मिले।
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उन्होंने बताया कि संभावित तेज आवाज के पटाखों को जब्त किया जाता है और ध्वनि स्तर की जांच निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार की जाती है। विभागीय परिसर में पटाखे को चार मीटर की दूरी पर रखकर ध्वनि मापी यंत्र से आवाज का स्तर मापा जाता है। अब तक की जांच में 125 डेसीबल से अधिक ध्वनि स्तर वाला नमूना नहीं मिला है। बाजार में बिकने वाले पटाखों की नियमित जांच और नियमों का पालन सुनिश्चित करना जरूरी है।
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जबलपुर में चार स्थानों पर वायु गुणवत्ता की निगरानी की व्यवस्था है। मानिटरिंग सिस्टम में प्रदर्शीत होता है। फिलहाल जबलपुर की वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआइ) 100 के भीतर दर्ज की जा रही है। दिवाली के दौरान पटाखों से निकलने वाले धुएं और सूक्ष्म कणों के कारण इसमें बढ़ोतरी संभावित है।