
नईदुनिया प्रतिनिधि इंदौर। दीपावली का त्योहार हो और घर में मिठाइयों की खुशबू न हो, ऐसा संभव नहीं है। बाजारों में सजी काजू कतली, गुलाब जामुन, रसगुल्ले, लड्डू और चाकलेट की मिठास त्योहार का आनंद बढ़ा देती है। मेहमानों का स्वागत हो या रिश्तेदारों के घर जाना, मिठाई खिलाने और खाने का सिलसिला कई दिनों तक चलता है। हालांकि, त्योहार की इस मिठास का असर दांतों की सेहत पर पड़ सकता है। जरूरत से ज्यादा मिठाई खाने और उसके बाद मुंह की सफाई पर ध्यान नहीं देने से दांतों में सड़न, कैविटी और मसूड़ों से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
विशेषज्ञ के अनुसार, मिठाइयों में मौजूद शक्कर मुंह में रहने वाले बैक्टीरिया के लिए भोजन का काम करती है। ये बैक्टीरिया शक्कर को एसिड में बदल देते हैं, जिससे दांतों की बाहरी परत यानी इनेमल धीरे-धीरे कमजोर होने लगती है। लंबे समय तक ऐसा होने पर दांतों में कैविटी बनने का खतरा बढ़ जाता है।
खासतौर पर चिपचिपी मिठाइयां जैसे गुड़ की चिक्की, गजक, जलेबी और चाकलेट दांतों में चिपक सकती हैं। इनके अवशेष दांतों के बीच और दरारों में फंसे रह जाते हैं, जिससे बैक्टीरिया को लंबे समय तक शक्कर मिलती रहती है।

दांतों में सड़न या संक्रमण अचानक नहीं होता, यह एक धीमी प्रक्रिया है, देखभाल करना बहुत जरूरी
दंत विशेषज्ञ, डाॅ. लक्ष्मी सोनी का कहना है कि त्योहार के दौरान बार-बार थोड़ी-थोड़ी मिठाई खाना भी दांतों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। हर बार मीठा खाने के बाद मुंह में एसिड बनने की प्रक्रिया शुरू होती है।
इससे दांतों को सामान्य स्थिति में लौटने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। वहीं, मिठाई खाने के बाद पानी नहीं पीना और रात में बिना ब्रश किए सो जाना समस्या को और बढ़ा सकता है। इससे दांतों पर प्लाक जमा होने लगता है, जो आगे चलकर मसूड़ों में सूजन, खून आने और मुंह से दुर्गंध आने का कारण बन सकता है।
विशेषज्ञ का कहना है कि बच्चों में मिठाई खाने की आदत पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। अधिक मीठा खाने से कम उम्र में ही दांतों में कैविटी की समस्या हो सकती है। कई बार शुरुआत में दांतों में हल्का दर्द या ठंडा-गर्म लगने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, जिन्हें लोग नजरअंदाज कर देते हैं। समय पर जांच नहीं कराने से समस्या बढ़ सकती है।

दीपावली पर मिठाइयों का आनंद लेने के साथ दांतों की देखभाल भी जरूरी है। मीठा खाने के बाद अच्छी तरह पानी से कुल्ला करें। दिन में दो बार फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट से ब्रश करें और रात को सोने से पहले ब्रश करना न भूलें। दांतों के बीच फंसे खाद्य पदार्थों को निकालने के लिए फ्लास का इस्तेमाल करें।
मिठाई खाने की मात्रा सीमित रखें और बार-बार मीठा खाने से बचें। यदि दांतों में दर्द, संवेदनशीलता या मसूड़ों से खून आने की समस्या हो तो डेंटिस्ट से जांच कराएं। त्योहार की खुशियां तभी पूरी हैं, जब मिठास के साथ मुस्कान भी बरकरार रहे।