क्या आपको पता है AMBULANCE का फुल फॉर्म? इमरजेंसी में सही चुनाव के लिए जानें इसके 5 प्रकार
चिकित्सा आपातकाल (Medical Emergency) में एम्बुलेंस जीवन रक्षक की भूमिका निभाती है। यह सिर्फ अस्पताल पहुंचाने वाली गाड़ी नहीं, बल्कि 'पहियों पर अस्पताल' ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 18 Jan 2026 03:45:51 PM (IST)Updated Date: Sun, 18 Jan 2026 03:45:51 PM (IST)
क्या आपको पता है AMBULANCE का फुल फॉर्म?HighLights
- लैटिन के 'Ambulare' से बना, जिसका मतलब है चलना
- मरीज की गंभीरता के हिसाब से चुनें सही एम्बुलेंस
- हार्ट अटैक या गंभीर चोट में ALS एम्बुलेंस ही बुलाएं
लाइफस्टाइल डेस्क। चिकित्सा आपातकाल (Medical Emergency) में एम्बुलेंस जीवन रक्षक की भूमिका निभाती है। यह सिर्फ अस्पताल पहुंचाने वाली गाड़ी नहीं, बल्कि 'पहियों पर अस्पताल' है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एम्बुलेंस एक संक्षिप्त नाम (Short Form) है? और क्या आपको पता है कि मरीज की स्थिति के अनुसार अलग-अलग एम्बुलेंस बुलाई जाती है?
AMBULANCE का अर्थ और फुल फॉर्म
एम्बुलेंस शब्द की उत्पत्ति लैटिन शब्द 'Ambulare' से हुई है, जिसका अर्थ है 'चलना या आगे बढ़ना'। मेडिकल जगत में इसका एक अनौपचारिक लेकिन बेहद सटीक फुल फॉर्म इस्तेमाल होता है:
Automobile for Medical care in Basic and Urgent Life-threatening Actions, Non-emergency Care and Emergency transportation. (आपातकालीन और गैर-आपातकालीन चिकित्सा देखभाल के लिए उपयोग किया जाने वाला वाहन)
जरूरत के हिसाब से चुनें सही एम्बुलेंस: 5 मुख्य प्रकार
गलत एम्बुलेंस का चुनाव मरीज के लिए जोखिम भरा हो सकता है। जानिए आपको कब कौन सी गाड़ी बुलानी चाहिए...
1. बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS)
- सुविधाएं: ऑक्सीजन सिलेंडर, स्ट्रेचर और फर्स्ट-एड किट।
- कब चुनें: जब मरीज की स्थिति स्थिर हो और जान को तत्काल खतरा न हो।
- अनुमानित किराया: ₹1,000 से ₹3,000 (शहर अनुसार)।
2. एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट (ALS)
- सुविधाएं: वेंटिलेटर, ईसीजी मॉनिटर, डिफिब्रिलेटर और प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ।
- कब चुनें: हार्ट अटैक, गंभीर एक्सीडेंट या सांस लेने में भारी तकलीफ होने पर।
- अनुमानित किराया: ₹5,000 से ₹10,000।
3. मोबाइल ICU (MICU)
- सुविधाएं: यह एक चलता-फिरता आईसीयू है। इसमें विशेषज्ञ डॉक्टर और गंभीर जीवन रक्षक दवाएं होती हैं।
- कब चुनें: वेंटिलेटर पर मौजूद गंभीर मरीज को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल शिफ्ट करने के लिए।
- अनुमानित किराया: ₹15,000 से ₹25,000।
4. एयर एम्बुलेंस (Air Ambulance)
- सुविधाएं: हेलिकॉप्टर या चार्टर प्लेन में सजे मेडिकल उपकरण।
- कब चुनें: जब मरीज को दूसरे शहर के बड़े अस्पताल में बहुत कम समय में पहुंचाना हो।
- कीमत: यह सबसे महंगी सेवा है (लाखों में)।
5. नॉन-इमरजेंसी ट्रांसपोर्ट एम्बुलेंस
- सुविधाएं: केवल बेसिक बेड और बैठने की व्यवस्था।
- कब चुनें: डायलिसिस के लिए जाने, रूटीन चेकअप या अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर आने के लिए।
जरूरी सूचना: एम्बुलेंस बुलाते समय क्या कहें?
भारत में एम्बुलेंस के लिए 102 या 108 डायल करें और फोन पर ये 3 बातें स्पष्ट बताएं...
- मरीज की स्थिति: क्या मरीज होश में है या उसे सांस लेने में दिक्कत है? (ताकि वे सही टाइप की गाड़ी भेजें)।
- सटीक लोकेशन: आसपास का कोई मशहूर लैंडमार्क जरूर बताएं।
- संपर्क नंबर: अपना चालू मोबाइल नंबर दें ताकि ड्राइवर रास्ता पूछ सके।
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