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नकली मावे-पनीर की जांच कैसे कर सकते है? सेम्‍पल की जांच कहां होगी? वाट्सएप पर भी दे सकते हैं जानकारी

मिलावटी खाद्य पदार्थ की शिकायत के लिए फूड सेफ्टी कनेक्ट एप बनाई है। 24 घंटों के भीतर कार्यालय में शिकायत मिलती है। फिर पांच दिनों में जांच रिपोर्ट देन...और पढ़ें

By Kapil NileyEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Wed, 16 Sep 2026 01:08:14 PM (IST)Updated Date: Wed, 16 Sep 2026 01:20:43 PM (IST)
नकली मावे-पनीर की जांच कैसे कर सकते है? सेम्‍पल की जांच कहां होगी? वाट्सएप पर भी दे सकते हैं जानकारी
नकली मावा और पनीर।

HighLights

  1. मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने किया मागदर्शन।
  2. हेलो नईदुनिया कार्यक्रम में पाठकों से प्रश्‍नोत्‍तर।
  3. मिलावट की शिकायत पर तुरंत होगी कार्रवाई।

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका होने पर अब आम व्यक्ति भी शिकायत कर सकता है। इसके लिए खाद्य औषधि विभाग ने वाट्सएप नंबर 9406764084 जारी किया है। इसके अलावा जिला प्रशासन के हेल्पलाइन नंबर 073118 पर भी मिलावटी खाद्य पदार्थों से जुड़ी समस्या बता सकते है।

शिकायत मिलने के बाद विभाग मामले की जांच करता है और जरूरत पड़ने पर संबंधित दुकान या प्रतिष्ठान से खाद्य पदार्थ का सैंपल लिए जाते है, जिन्हें लैब में जांच के लिए भेजा जाता है।

यह बात मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनीष स्वामी ने कही है। मंगलवार को उन्होंने हेलो नईदुनिया कार्यक्रम के माध्यम से पाठकों को मार्गदर्शन दिया। उन्होंने बताया कि इंदौर में खाद्य पदार्थों की जांच के लिए लैब शुरू होने से अब सैंपल की रिपोर्ट पहले की तुलना में जल्द मिलने लगी है।


इससे मिलावट की पुष्टि होने पर विभाग कार्रवाई करता है। वे बताते है कि 12 से 26 सितंबर के बीच होटल और रेस्टोरेंट में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। विभाग की तीन टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर पांच से छह संस्थानों की जांच कर रही हैं।

इस दौरान खाद्य पदार्थों के सैंपल लेने के साथ ही साफ-सफाई और हाइजीन का भी विशेष ध्यान दिया जाता है। खाद्य पदार्थ तैयार करने और परोसने के दौरान स्वच्छता के नियमों का पालन हो रहा है या नहीं। इसकी भी जांच की जा रही है।

उन्होंने कहा कि शहर में संचालित अलग-अलग चौपाटियों और वहां लगने वाली खाद्य दुकानों को लेकर भी विभाग समय-समय पर कार्रवाई करता है। इन दुकानदारों के सामने एक बड़ी चुनौती यह रहती है कि उनकी दुकानें स्थायी नहीं होतीं। कार्रवाई के बाद कई बार दुकानदार दूसरी जगह जाकर दुकान संचालित करने लगते हैं।

ऐसे मामलों में विभाग लगातार निगरानी रखता है।जबकि इन दुकानदारों के लिए विभाग की ओर से समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम रखे जाते है। ताकि वे खाद्य सुरक्षा, साफ-सफाई और सुरक्षित तरीके से खाद्य पदार्थ तैयार करने के नियमों को समझ सकें।

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- मांगलिया स्थित लैब में मिलावटी खाद्य पदार्थों को लेकर जांच शुरू हो गई है क्या?

सुनील वासवानी, इंदौर

न्यायालय में चल रहे प्रकरण के सेम्पल की जांच शासकीय लैब में की जाती है। इसके लिए फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथारिटी आफ इंडिया (एफएएसएसआइ) के मापदंड पर मांगलिया स्थित लैब बनाई है। इसे शुरू करने में अभी पंद्रह दिन और लगेंगे। वैसे लैब में सेम्पल की जांच कर रहे है। हालांकि मिलावटी खाद्य पदार्थ की शिकायत के लिए फूड सेफ्टी कनेक्ट एप बनाई है। 24 घंटों के भीतर कार्यालय में शिकायत मिलती है। फिर पांच दिनों में जांच रिपोर्ट देना होती है।

- शहर में केमिकल से पकाए केले की बिक्री हो रही है। क्या इन व्यापारियों पर खाद्य विभाग की कार्रवाई नहीं होती है?

संजय कामले, इंदौर

इंदौर जिले के बाजारों में केरल से केले बिक्री के लिए आते है। वहां से प्रदेशभर में पहुंचने में तीन से चार दिन लगते है। इन दिनों क्लेशियम कार्बोनेट से केले पकाना कम हो चुका है। केले को एथ्रेल से पकाया जा रहा है, जो एफएएसएसआइ से अप्रूव पदार्थ है। इसलिए व्यापारियों पर कार्रवाई नहीं होती है।

- मिलावटी खाद्य पदार्थ के लिए सेम्पल की जांच कहा हो सकती है?

अरविंद त्रिवेदी, इंदौर

नकली मावे और पनीर की आशंका में लोग सेम्पल की जांच करवा सकते है। इन्हें तुरंत लैब में भेजकर पांच से छह घंटों में प्रारंभिक रिपोर्ट प्राप्त कर सकते हैं।

नकली मावे-पनीर की जांच कैसे कर सकते है?

प्रदीप जैन, इंदौर

नकली खाद पदार्थ की जांच के लिए फूड सेफ्टी कीट आती है। उसके आधार पर सेम्पल को तुरंत जांच सकते है। उसके बाद फूड टेस्टिंग लैब में इन सेम्पल को भेजा जा सकता है। कुछ प्राइवेट लैब भी जांच करती है, जो बेहद कम राशि लेकर रिपोर्ट दे सकती है।