
शिक्षक हमें सबसे पहले अनुशासन का पाठ पढ़ाते हैं। समय पर स्कूल पहुंचना, होमवर्क पूरा करना और नियमों का पालन करना – यह सब आदतें बचपन में ही शिक्षक से सीखते हैं। यही अनुशासन हमें भविष्य में नौकरी और जीवन के हर क्षेत्र में सफलता दिलाता है।
कठिन सवालों को हल करने की कोशिश में जब हम थक जाते हैं, तो शिक्षक हमें बार-बार प्रयास करने के लिए प्रेरित करते हैं। वे सिखाते हैं कि असफलता अंत नहीं है। यह सीख हमें जीवन की कठिनाइयों से जूझने और हर चुनौती का सामना करने का हौसला देती है।
स्कूल में विभिन्न पृष्ठभूमियों से आए बच्चों के बीच रहकर शिक्षक हमें यह सिखाते हैं कि हर इंसान का सम्मान करना चाहिए। चाहे अमीर हो या गरीब, किसी भी जाति या धर्म का हो – सम्मान की भावना समाज में इंसानियत और सौहार्द को बढ़ाती है।
शिक्षक बचपन से ही हमें सिखाते हैं कि नकल या झूठ से बचना चाहिए। वे बताते हैं कि ईमानदारी ही सर्वोत्तम नीति है। यह आदत हमारे चरित्र का निर्माण करती है और जीवनभर सही निर्णय लेने में मदद करती है।
एक अच्छा शिक्षक खुद भी हमेशा सीखते रहते हैं और यही संदेश वे अपने छात्रों को देते हैं। शिक्षा केवल डिग्री तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवनभर नए अनुभव और ज्ञान अर्जित करते रहना चाहिए। यह आदत हमें हमेशा आगे बढ़ने और बदलते समय के साथ चलने की प्रेरणा देती है।
इन्हीं अनमोल शिक्षाओं के कारण शिक्षक को जीवन का सबसे बड़ा मार्गदर्शक माना गया है।
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