
रामकृष्ण परमहंस पांडेय, जबलपुर। रैबीज वायरस संक्रमित पशु की लार के जरिए इंसान के शरीर में पहुंचता है। काटने से बने घाव के रास्ते वायरस नसों को प्रभावित करते हुए मस्तिष्क तक पहुंच सकता है और बाद में लार ग्रंथियों में फैलता है। आमतौर पर संक्रमण चार से छह सप्ताह में उभर सकता है, हालांकि इसके लक्षण 10 दिन से 8 माह के बीच कभी भी सामने आ सकते हैं। सिरदर्द, मतली, मांसपेशियों में अकड़न, अधिक लार, पानी से डर और मानसिक बदलाव इसके प्रमुख लक्षण हैं। गंभीर स्थिति में हृदय व श्वसन तंत्र फेल होने से मृत्यु हो सकती है।
सड़कों, गलियों और रिहायशी इलाकों में आवारा श्वानों की मौजूदगी आम है। राह चलते लोगों पर झपटना, बाइक सवारों के पीछे दौड़ना और पैदल राहगीरों को घेरना शहर के कई हिस्सों में रोजमर्रा की समस्या बन चुकी है। ऐसे हमलों में घायल लोगों को रेबीज से बचाव के लिए समय पर एआरवी लगवाना पड़ता है।
शहर की सड़कों पर घूमते आवारा श्वान अब सिर्फ असुविधा नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं। गली-मोहल्लों से लेकर मुख्य मार्गों और कालोनियों तक राह चलते लोगों पर श्वानों के झपटने और काटने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इसका सीधा असर जिला अस्पताल विक्टोरिया के एंटी रेबीज इंजेक्शन कक्ष में दिखाई देता है, जहां हर दिन बड़ी संख्या में लोग उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। पिछले तीन वर्षाें में यहां हर दिन औसत 74 लोगों को एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाए गए।
2023 से 2025 के बीच विक्टोरिया में एआरवी लगवाने वालों की संख्या 23,754 से बढ़कर 32,110 हो गई। यानी तीन साल में 8,356 अधिक लोग इंजेक्शन लगवाने पहुंचे।
2023 में 4,783 वायल की खपत के मुकाबले 2025 में 6,442 वायल इस्तेमाल हुए। दो साल में खपत 1,659 वायल बढ़ी।
विक्टोरिया अस्पताल के सिविल सर्जन नवीन कोठारी के अनुसार, विक्टोरिया अस्पताल के दस्तावेजों में दर्ज आंकड़ों के अनुसार कुत्तों के हमले, काटने से 2023 से 2025 के बीच 10 लोगों की मौत हुई। इनमें 2025 का आंकड़ा 2023 की तुलना में ढाई गुना है।
2023: 23,754 लोगों को एआरवी इंजेक्शन लगाए गए।
2024: 25,180 लोगों को एआरवी
-2025: 32,110 लोगों को एआरवी
- 2026: अब तक करीब 22 हजार लोग पहुंचे विक्टोरिया।
-2023: 4,783 वायल एआरवी की खपत
-2024: 5,076 वायल
-2025: 6,442 वायल
2023-2
2024-3
2025-5
अस्पताल के आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2023 में 23,754 लोगों को एआरवी लगाई गई थी। वर्ष 2024 में यह संख्या बढ़कर 25,180 हुई और 2025 में 32,110 तक पहुंच गई।
यानी दो साल में ही एआरवी लगवाने वालों की संख्या में 8,356 की बढ़ोतरी दर्ज हुई। वर्ष 2026 में भी सिलसिला थमा नहीं है और अब तक करीब 22 हजार लोग विक्टोरिया में रेबीज से बचाव के लिए इंजेक्शन लगवा चुके हैं।
अस्पताल के दस्तावेजों में दर्ज मौतों का आंकड़ा इस खतरे की गंभीरता को और सामने लाता है। वर्ष 2023 में श्वान के हमले और काटने से दो लोगों की मौत दर्ज हुई थी।
2024 में यह संख्या तीन और 2025 में बढ़कर पांच हो गई। दूसरी ओर एआरवी की खपत भी लगातार बढ़ी है। 2023 में 4,783 वायल, 2024 में 5,076 वायल और 2025 में 6,442 वायल की खपत हुई।