
लाइफस्टाइल डेस्क। शराब का सेवन स्वास्थ्य के लिए हर लिहाज से हानिकारक है, लेकिन अक्सर यह देखा गया है कि समान मात्रा में शराब पीने के बावजूद महिलाओं को पुरुषों की तुलना में जल्दी नशा चढ़ता है। सामान्य तौर पर लोग इसे 'सहनशक्ति' (Tolerance) से जोड़कर देखते हैं, लेकिन विज्ञान के पास इसका एक अलग और ठोस तर्क है। शोध बताते हैं कि इसके पीछे का असली कारण सामाजिक नहीं बल्कि जैविक (Biological) है।
1. एंजाइम्स की सक्रियता में अंतर (Enzyme Activity)
शराब को पचाने के लिए शरीर में कुछ विशेष एंजाइम्स (जैसे अल्कोहल डिहाइड्रोजनेज) की आवश्यकता होती है। एक अध्ययन के अनुसार, महिलाओं के शरीर में ये एंजाइम पुरुषों की तुलना में कम सक्रिय होते हैं। जब शराब पेट में पहुँचती है, तो पुरुषों का शरीर उसे तेजी से मेटाबोलाइज (तोड़ना) कर लेता है, जबकि महिलाओं में ये एंजाइम सुस्त होने के कारण शराब का बड़ा हिस्सा बिना टूटे सीधे खून (Bloodstream) में मिल जाता है। यही वजह है कि उनके खून में अल्कोहल का स्तर तेजी से बढ़ता है।
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2. शरीर की बनावट और पानी की मात्रा
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से पुरुषों के शरीर में मांसपेशियों (Muscle mass) और पानी की मात्रा महिलाओं की तुलना में अधिक होती है। शराब पानी में घुलनशील होती है। पुरुषों के शरीर में अधिक पानी होने के कारण शराब आसानी से डाइल्यूट (पतली) हो जाती है। इसके विपरीत, महिलाओं के शरीर में फैट ऊतक (Fatty tissues) अधिक और पानी कम होता है, जिससे अल्कोहल कम डाइल्यूट हो पाता है और उसका प्रभाव ज्यादा 'कंसन्ट्रेटेड' और तेज होता है।
3. दिमाग का त्वरित रिएक्शन
अल्कोहल सीधे केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (Central Nervous System) पर प्रहार करता है। शोध बताते हैं कि महिलाओं का मस्तिष्क शराब के रसायनों के प्रति अधिक संवेदनशील होता है। जैसे ही अल्कोहल खून के जरिए दिमाग तक पहुंचता है, महिलाओं का न्यूरोलॉजिकल सिस्टम उसे पुरुषों के मुकाबले ज्यादा तेजी से महसूस करता है, जिससे वे जल्दी 'टिपसी' या नशे में महसूस करने लगती हैं।