
लाइफस्टाइल डेस्क। उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी काफी कम हो गई है, जिससे सड़कों और हाईवे पर सफर करना जोखिम भरा हो गया है। सर्दियों के इस मौसम में सड़क दुर्घटनाओं, उड़ानों और ट्रेनों की देरी के मामले भी बढ़ रहे हैं। ऐसे खतरनाक मौसम में आपकी और दूसरों की सुरक्षा के लिए ड्राइव करते समय कुछ विशेष सावधानियां बरतना अनिवार्य है।
कोहरे में सुरक्षित ड्राइविंग के लिए यहां कुछ महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए हैं:
जब घने कोहरे के कारण देखना लगभग नामुमकिन हो जाए, तो अपनी सुनने की क्षमता का लाभ उठाएं। गाड़ी के भीतर रेडियो या संगीत बंद कर दें और खिड़कियों को थोड़ा नीचे रखें। इससे आप सड़क पर अन्य गाड़ियों के हॉर्न या इंजन की आवाज को बेहतर तरीके से सुन पाएंगे, जो किसी भी संभावित खतरे के प्रति आपको समय रहते सचेत कर देगा। पहाड़ी रास्तों पर यह तकनीक विशेष रूप से जीवनरक्षक साबित होती है।
रास्ता खोजने के लिए नेविगेशन और जीपीएस (GPS) उपयोगी तो हैं, लेकिन कोहरे में ये पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं। मैप्स आपको अचानक आने वाले गड्ढों, तीखे मोड़ों या सड़क किनारे खड़ी खराब गाड़ियों की जानकारी नहीं दे सकते। इसलिए तकनीक के साथ-साथ सड़क किनारे लगे साइन बोर्ड्स पर नजर रखें और अपनी सूझ-बूझ का इस्तेमाल करें।
कोहरे में रास्ता भटकने का डर सबसे ज्यादा होता है । ऐसे में सड़क के बाईं ओर बनी सफेद पट्टी (White Line) का सहारा लें। सड़क के बीचों-बीच फोकस करने के बजाय इस लाइन को फॉलो करें। यह आपको अपनी लेन में रखेगा और सामने से आने वाली गाड़ियों की चकाचौंध से भी बचाएगा। मोड़ों पर हमेशा अपनी गति को न्यूनतम रखें।
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कोहरे में हेडलाइट्स को हमेशा लो-बीम पर रखें और फॉग लाइट्स का उपयोग करें। हाई-बीम लाइट्स का इस्तेमाल कभी न करें, क्योंकि इससे प्रकाश परावर्तित होकर आपकी आंखों को चौंधिया सकता है, जिससे देखना और भी कठिन हो जाता है।
हमेशा याद रखें कि कोहरे में गति को धीमा रखना और अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त समय लेकर चलना ही समझदारी है।