
नीरज व्यास, इंदौर। बदलती जीवनशैली और खानपान की आदतें युवाओं के दिल पर भारी पड़ रही हैं। जंक फूड, ज्यादा नमक-चीनी और तेलयुक्त भोजन के साथ बढ़ता तनाव, कम शारीरिक गतिविधि और अनियमित दिनचर्या हार्ट डिजीज के जोखिम को बढ़ा रहे हैं।
शहर में अब 30 से 40 वर्ष की उम्र में हार्ट अटैक आने के मामलों में इजाफा हुआ है। पहले जहां हृदय रोग को उम्रदराज लोगों की बीमारी माना जाता था, वहीं अब युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक लगातार तनाव और खराब खानपान के साथ मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसे जोखिम कारक युवाओं में दिल की बीमारी की आशंका बढ़ा रहे हैं।
युवावस्था में ही दिल संबंधी बीमारियों का बढ़ना बेहद चिंताजनक है। एमवाय अस्पताल की ओपीडी में दिल संबंधी बीमारियों की शिकायत लेकर पहुंचने वाले लोगों में से लगभग 40 प्रतिशत तक युवा पहुंच रहे हैं जो बेहद चिंताजनक आंकड़ा है।
कई जाने माने हृदय रोग विशेषज्ञ भी मानते हैं कि बीते सालों में युवाओं में दिल से जुड़ी बीमारियों में इजाफा हुआ है और हार्ट अटैक के मामले भी बढ़े हैं।
निष्क्रिय जीवनशैली बढ़ा रही है दिल की बीमारियों का जोखिम, 150 मिनट के इस व्यायाम से होगा सुधार
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हर 5 में से एक हार्ट अटैक का मरीज 40 से कम उम्र का, डेली रूटीन में इन बदलावों से मिलेगा फायदा
इंदौर के युवाओं में बाहर से खाना मंगाने का चलन काफी बढ़ा है। ये जनरेशन जंक फूड तो खाती ही है और वर्क प्लेस का स्ट्रेस तो है ही। इस वजह से युवाओं में हायपरटेंशन के मामले काफी बढ़ गए हैं। ऐसे में इसका लोड सीधा हार्ट पर आता है। इससे रक्त वाहिनियों में ब्लॉकेजेस बढ़ते हैं और उनमें कोलेस्ट्रॉल जमने लगता है। इस वजह से भी युवाओं में हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। 20 से 30 की उम्र के बच्चे भी दिल की बीमारी न हो जाए इसे लेकर स्ट्रेस में रहते हैं।
Dr. मनीष पोरवाल, कार्डियक सर्जन
कई स्टडी में सामने आया है कि स्ट्रेसफुल लाइफस्टाइल और तंबाखू का इस्तेमाल दिल की बीमारियों में बड़ी भूमिका निभाता है। कोरोना के बाद से ही ब्लड क्लाटिंग के मामले बड़े हैं, इस वजह से भी हार्ट अटैक के केस में इजाफा हुआ है। एमवाय की ओपीडी में लगभग 40 प्रतिशत तक युवा दिल संबंधी परेशानियों को लेकर आ रहे हैं। इनमें से ज्यादातर युवा हायपरटेंशन और डायबिटीज जैसी बीमारियों से पीड़ित रहते हैं।
Dr. धर्मेंद्र झंवर, प्रोफेसर, मेडिसिन विभाग, एमवायएच
स्ट्रेस और जंक फूड युवाओं में हार्ट डिजीज की बड़ी वजह बनकर उभर रही है। बिगड़ी लाइफस्टाइल के साथ धैर्य की कमी भी युवाओं में देखी जा रही है। इसका कहीं न कहीं दिल की सेहत पर असर पड़ने लगा है। युवा फिजिकल वर्कआउट पर ध्यान नहीं दे रहे हैं, खराब खान-पान की वजह से समस्या और भी बढ़ रही है। स्ट्रेस फ्री रहने के लिए कम से कम 10 मिनट योग और ध्यान को समय दें।
Dr. क्षिप्रा श्रीवास्तव, कार्डियक सर्जन
इंदौर के बड़े अस्पतालों में पिछले 10 सालों में हार्ट अटैक के मरीजों और हार्ट आपरेशन की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है। हार्ट अटैक के लिए जिम्मेदार पारंपरिक कारणों के अलावा वायु प्रदुषण और प्लास्टिक के बर्तनों में गर्म या ज्यादा तेल वाला भोजन करना भी दिल की बीमारियों की रिस्क बढ़ा रहा है। अपने हार्ट की हेल्थ को जानने के लिए हर हफ्ते कम से कम 5 दिन 3 किमी की दूरी 35 मिनट में पूरी करें और चेक करें कि छाती में भारीपन या दर्द तो नहीं हो रहा।
DR. भारत रावत, ह्दय रोग विशेषज्ञ
- 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस मनाया जाता है।
- विश्व हृदय दिवस की शुरुआत 1999 में हुई थी।
- एक स्वस्थ वयस्क का हृदय सामान्यतः 60-100 बार प्रति मिनट धड़कता है।
- हृदय दिनभर में करीब 1 लाख बार धड़कता है।
- हृदय प्रतिदिन लगभग 7,000-8,000 लीटर रक्त पंप करता है। यह मात्रा व्यक्ति के आकार और गतिविधि के अनुसार बदलती है।
- दिल की उम्र कम करने वाले 6 खतरे - जंक फूड, धूम्रपान, लगातार तनाव, कम शारीरिक गतिविधि, मोटापा, हाई बीपी/डायबिटीज
- हफ्ते में 5 दिन 35 मिनट में 3 किमी वाकिंग कर हार्ट हेल्थ को परखें।
- खाने में हरी-भरी सब्जियां, फाइबर रिच फूड शामिल करें।
- कोलेस्ट्राल, ट्राइग्लाइसेराइड के लेवल के लिए नियमित जांच कराएं।
- सुबह जल्दी उठने और रात में जल्दी सोने की आदत डालें।