
Barwani News: नईदुनिया प्रतिनिधि, बड़वानी। शहर के समीप राजघाट स्थित रोहिणी तीर्थ परिसर करीब सात माह बाद बैकवाटर से बाहर आया है। बीते माह से नर्मदा बैकवाटर में लगातार कमी आ रही है। गत वर्ष अगस्त माह में वर्षा के बाद राजघाट गांव डूबा था। अब करीब सात माह बाद रोहिणी तीर्थ परिसर के मंदिर-धर्मशाला खुले चुके हैं। हालांकि इस बार आई 142 मीटर की डूब से गांव के पुराने मकानों के अवशेष लगभग नष्ट हो चुके हैं। कुछ जगह ही टूटी दीवारें व मकानों का मलबा नजर आ रहा है।
रविवार को बैकवाटर तट पर स्थित दत्त मंदिर की वेदी तक रहा। बैकवाटर के चलते बीते दिनों नर्मदा जयंती परिसर से कुछ दूरी पर संपन्न कराया गया। अब पानी उतरने पर आगामी माह 8 मार्च को महाशिवरात्रि पर राजघाट परिसर रोशन नजर आएगा। मंदिर के पुजारी पंडित सचिन शुक्ला सहित भक्तों ने मंदिर के अंदर जमा मलबा-मिट्टी की सफाई कर नर्मदा जल से धुलाई की।
भगवान का शृंगार आरती-पूजन किया। करीब एक शताब्दी पुराना मंदिर बीते वर्षों में नर्मदा की बाढ़ और बैकवाटर में कई बार जलमग्न हो चुका हैं। बैकवाटर वेदियों से नीचे उतरने पर मंदिर की साफ-सफाई उपरांत रंगाई-पुताई की जाएगी। अभी मंदिर के बाहर चतूबरे तक पानी जमा है।
नर्मदा भक्त व समाजसेवी संजय पुरोहित एवं अजयसिंह ठाकुर ने बताया कि महाशिवरात्रि के पूर्व परिसर में मौजूद शिव मंदिर व अन्य मंदिरों की साफ-सफाई व रंगाई-पुताई करवाकर विद्युत सज्जा व अन्य तैयारियां की जाएगी। रविवार को सड़क मार्ग की रपट से पानी कम होने पर आवाजाही शुरू हो गई हैं। एक-दो दिन में नए घाट पर स्नान की सुविधा मिलने लगेगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए समिति के सहयोग से जेसीबी से कीचड़-मलबा हटाया जाएगा।