
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल: राजधानी में महिला प्रताड़ना की घटनाओं ने फिर चिंता बढ़ा दी है। महिला थाना में एक ही दिन में दस मामले दर्ज किए गए, जिसने समाज में परिवारों के टूटने की तस्वीर और बढ़ते महिला अपराध को उजागर किया है।
पुलिस के अनुसार इन मामलों की शिकायतें गौरवी, सखी और अन्य महिला केंद्रों द्वारा महिला थाना को पहुंचाई गईं। शिकायतों में बताया गया कि दहेज की मांग पूरी न होने पर महिलाएं मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का शिकार हो रही हैं, कई मामलों में उन्हें घर छोड़ने या तलाक की धमकी भी दी गई।
महिला थाना के अधिकारियों ने कहा कि इन सभी मामलों में तुरंत एफआइआर दर्ज कर आरोपितों के विरूद्ध दहेज निषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि शिकायतें शहर के विभिन्न मोहल्लों से मिली हैं, और यह स्पष्ट संकेत है कि दहेज प्रताड़ना अब सिर्फ ग्रामीण क्षेत्रों तक सीमित नहीं रही, बल्कि शहरी इलाकों में भी तेजी से बढ़ रही है।
इन पीड़ितों में दो सगी बहनें आरती और भारती देशमुख भी शामिल हैं। उनकी शादी अशोका गार्डन, सेमरा निवासी भाइयों आकाश और गोपाल देशमुख से शादी हुई थी। उन्होंने दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाया है।
पुलिस के अनुसार दोनों बहनों ने शिकायत में बताया कि शादी के बाद उन्हें लगातार आर्थिक और मानसिक दबाव झेलना पड़ा। आरोप है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर उन्हें धमकाया गया और प्रताड़ित किया गया। महिला थाना ने एफआइआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।