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घर को बना दिया 'नोट छापने' की फैक्ट्री, 500-500 की गड्डी देख पुलिस हैरान, आरोपी गिरफ्तार

MP News: पिपलानी क्षेत्र में पुलिस ने नकली नोट छापने वाले आरोपित विवेक यादव को गिरफ्तार किया है। आरोपित पूर्व में एक प्रिंटिंग शॉप पर काम करता था। उसन...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Sat, 15 Nov 2025 03:32:42 PM (IST)Updated Date: Sat, 15 Nov 2025 09:39:53 PM (IST)
घर को बना दिया 'नोट छापने' की फैक्ट्री, 500-500 की गड्डी देख पुलिस हैरान, आरोपी गिरफ्तार
भोपाल में घर से नकली नोट बरामद।

HighLights

  1. भोपाल में घर में सेटअप लगाकर छाप रहा था नकली नोट
  2. ढाई लाख के फर्जी 500-500 के नोट के साथ एक गिरफ्तार
  3. साथ ही नकली नोट छापने वाली मशीनें भी बरामद की गई

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। 10वीं फेल एक शातिर भोपाल में पिछले एक साल से खुद ही 500-500 रुपये के नोट छापकर दुकानों में खपा रहा था। पुलिस ने उसके घर पर नकली नोटों का कारखाना पकड़ा है। वहां से ढाई लाख रुपये के नकली नोट, कंप्यूटर, प्रिंटर, डाई, पंच मशीन, बाइवल पेपर, हॉट स्टंपिंग फाइल प्रिंटर जैसे कई उपकरण बरामद हुए हैं।

प्रिंटिंग प्रेस में करता था काम

21 वर्षीय विवेक यादव मूलतः उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले का रहने वाला है। 10वीं की परीक्षा में फेल होने के बाद से वह प्रिंटिंग प्रेस में काम करने लगा था। मुंबई की प्रिंटिंग प्रेस में उसने करीब चार-पांच साल तक काम किया। प्रिंटिंग की बारीकियां सीखने के लिए उसने कई विदेशी लेखकों की पुस्तकें पढ़ी हैं। आरोपित बीते करीब दो साल से भोपाल में रह रहा था। करोंद स्थित कोरल लाइफ कॉलोनी में वह किराए के मकान में रहता था।


रात में घर में नकली नोट छापता था

पुलिस की पूछताछ में आरोपित ने बताया कि एक साल पहले उसने नकली नोट छापना शुरू कर दिए। इसके लिए उसने कंप्यूटर, कलर प्रिंटर, पंचमशीन, नोट बनाने की डाई, बाइवल पेपर खरीदे। इसके साथ ही सबसे अहम नकली नोट को हूबहू असली की तरह दिखाने के लिए हाट स्टंपिंग फाइल खरीदी, जिसकी कीमत करीब एक लाख रुपये है। वह रात में घर में नकली नोट छापता था और फिर दिन में नकली नोटों से मॉल, दुकानों और रेहड़ी वालों से खरीदारी करता था।

हैरान करने वाली बात है कि बीते एक साल में वह छह लाख रुपये बाजार में खपा चुका था, लेकिन उसने इतनी सफाई से नकली नोट बनाए कि कोई उसके बनाए गए नकली नोट को पहचान नहीं पाया। भोपाल के एडिशनल डीसीपी गौतम सोलंकी ने बताया कि पूछताछ के बाद आरोपित को जेल भेज दिया गया है।

दुकानदारों की सतर्कता से पकड़ा गया आरोपी

विवेक यादव शुक्रवार को पिपलानी क्षेत्र स्थित निजामुद्दीन कालोनी के पास अपना नकली नोट चलाने की कोशिश में जुटा था। उसने वहां एक गुमठी से 20 रुपये का गुटखा खरीदा और 500 का नोट दिया और खुल्ले रुपये वापस लिए। कुछ ही देर बाद उसने पास की दूसरी दुकानों पर भी ऐसा ही किया। लगातार खुल्ले रुपये मिलने के बावजूद जब वह 500 का नोट दुकानदारों को दे रहा था, तो उन्हें शक हुआ। एक दुकानदार ने पुलिस को फोन कर सूचना दे दी।

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ऐसे नकली नोट छापता था

पुलिस के अनुसार, आरोपित विवेक यादव बाइवल (पेपर का एक रूप) के दो पेपर लेकर एक हिस्से पर 500 के नोट का ऊपरी और दूसरे पेपर पर नोट का पिछला हिस्सा कलर प्रिंट करता था। फिर दोनों पेपरों को जोड़कर उनके बीच हाट स्टंपिंग फाइल लगाता था, जिस पर RBI का नाम प्रिंट होता था। वह बिल्कुल RBI की सील की तरह दिखती है। इतना ही नहीं, नोट के सफेद हिस्से पर गांधीजी की तस्वीर और 500 रुपये को दिखाने के लिए वाटरमार्क वाली डाई भी छापता था, जिससे कि असली और नकली नोट को देखने और जांचने पर कोई फर्क ही नजर नहीं आता था।